अपच सत्य : भारतरत्न लता मंगेश्कर
अपच सत्य- महान स्वर सजनी कोकिल कंठी लता मंगेशकर जी के संदर्भ में
बात अपच है लेकिन मित्रो शत प्रतिशत सत्य है कि कई शख्स जो आज इतिहास की तारीख में शुमार है और पीढियां उनके हनर ओर करिश्माई कारनामों से दांतों तले उंगली दबाती है या यूं कहें कि उनके कृत्य से अभिभूत ओर मंत्रमुग्ध है…… जी हाँ मैं बात कर रहा हूँ भारत रत्न सुर ओर सरगम की सरताज ओर साम्राज्ञी लता जी जिनकी उपलब्धि ओर लोकप्रियता के डंके भारत ओर विश्व पटल पर बजते हैं…. को महान ओर खुदगर्ज बॉलीवुड या भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री ने उन्हें प्राथमिक तौर पर रिजेक्ट या नकार दिया था ये कह कर की उनकी आवाज़ बेहद पतली है और तत्कालीन अभिनेत्रियों की आवास से मेल नहीं खाएगी… मगर महान संगीतकारो में एक मास्टर गुलाम हैदर साब ने उन्हें पहला ब्रेक फ़िल्म “मझबूर” सन 1948 में दे कर साहस का काम किया … यानी हीरे की पहचान हर जौहरी को नहीं होती और कोहिनूर को तराशने की काबिलियत हर किसी के बस का काम नहीं…ओर उस ब्रेक के बाद लताजी की सफलता की दास्ता सब के सामने है … सोचिये यदि गुलाब हैदर साब ने ये खुदाई काम न किया होता तो आज दुनिया एक महान आवाज ओर उसके जादू से महरूम हो जाती….
यही सबब महान मेगा स्टार अमिताभ बच्चन साब ओर अंग्रेजी राइटर चेतन भगत साब के साथ भी हुवा.. ओर इस फेहरिस्त में बलराज साहनी साब , सुनील दत्त साब भी शामिल है…
*NK Sevak “Sanatan”