अशआर के आईने सनातन के मायने
आपने जिन्हें आसमां
दिया या भला किया व्यवसाय के नाम पर,चाहे काबिल थे वो या नाकबिल अलग बात है अहसान से लदे चापलूसी से रंगे वो लोग आपको ख़ुदा कहते हैं…
जिसका किया तुमने बुरा या कुछ नहीं किया वो तुम्हे शैतान कहते हैं
अब आप अच्छे हैं या बुरे -आप अच्छी तरह जानते हैं….
लेकिन भरम अच्छा है पाले हुवे की आप अच्छे हैं……
लेकिन गिरेबां में झाकेंगे दावा “सनातन” का
निष्कलंक, निष्पाप नहीं निकलेंगे
निकलेंगे तो शैतान के नाती-रिश्तेदार निकलेंगे…
खंगालेँगे जहन है ख़ुदा पापो के भंडार निकलेंगे
लेकिन चलो निचोड़ यही की खुदा इस जहाँ में-2
कोई नहीं नही
खुदा तुम भी नही खुद हम भी नही
लेकिन जब-जब भी पूछा जहन ऐ जिगर
“सनातन” सत्य यही की-‘आदमी शैता ज्यादा ख़ुदा कम यानी शैता-खुदा का मिश्रण पाएंगे
ओर जब मुख से प्राण निकलेंगे
आंकलन ऐ खुदा-2
मुश्किल से प्राण निकलेंगे !
*nk सेवक “सनातन”
◆ एक “ब” की ताकत तो देखो
गाली के पीछे लगा –2
की एक महान शायर उस्ताद का नाम उभरा
जिनके अदब ओ कलाम से अदीब के पुजारी मन्त्रमुग्ध -आफ़रीन हुवे
बदस्तूर ग़ालिब साब का जादू जारी है
ओर रहेगा क़ायनात के अस्तित्व तक
शायरों की दुनिया मे उन्हें फ़लसफाई भगवान – ख़ुदा कहते हैं
पढ़ा है उस सुख़नवर को सुकून ऐ ख़ुदा मिला
खुशनसीबी ये की खुदा में खुदा मिला।
*NK सेवक “सनातन”
◆ भगवान-ख़ुदा-गॉड चाहे कितना भी बुरा-क्रूर करे
कोई भी आदमी दुनिया का सिर्फ कहता है-उसकी मर्ज़ी
गीला-शिक़वा ,शिकायत, कम्प्लेन कोसे तो किसे
ऊपरवाला सर्वशक्तिमान भी बड़ा समझदार किसी को आज तक नज़र ही नही आये
वो जानते है गर नज़र आया-2
तो ये आदमी मुझे छोड़ेगा नहीं !
*nk sevak “सनातन”