~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

उम्र ए दौर और जन्मदिवस के मायने

उम्र ए दौर और जन्मदिवस के मायने

[25/04, 10:43] N K Sevak: आज मेरा बर्थडे
[15+10=25 अप्रैल]

पहले बहुत इतराते थे जब 5 फिर 6 …10,12,15,21,31,35 साल के होते है तब
और आते ही बढ़ने बड़े होने का अहसास और घुमान
की मेरा बर्थडे आ रहा है
और अपनो की बधाईयां बहुत सुहाती है….!!!!
लेकिन अब आलम रिवर्स की~ बर्थडे आते ही लगता है ..इक साल और कम हो गया…कीमती जिंदगी का….!
इक साल और घट गया गिनती और जुड़ने के नाम…!!!!
बस गिनती के मायने..
और सीमित पैमाने की हम बढ़ गए …और घट गए…!!!
बर्थडे पीईथोगोरस मैथमेटिकल थ्योरी और बड़ा तगड़ा समीकरणीय
जहां मान है…जहा x y का मान है पर मान नही है….!!?
और है तो पुरा हल इक रोज़ की शून्यतम….
चीर शांति में विलीन…..
ऐसी शांति किसी को गवारा नहीं …और दुनिया के किसी प्राणी को नहीं चाहिए…लेकिन विधि का विधान की बढ़ने के नाम यानी धनात्मकता से ऋणात्मकता की और ही जन्मदिन के नाम तवारीख और बेवफा जिंदगी…
*Nk सनातन
[25/04, 15:04] N K Sevak: *बर्थडे नई उमंग नई बहार लाता है*
बर्थडे यानी आपने कीमती जीवन का इक और साल जिया ….
और साहित्यिक भाषा में जीवन का इक और बसंत पूरा किया….
सर्दी गर्मी बरसात हेमंत शरद फाल्गुन सावन लेकिन सुहाने का पर्याय रूपक बसंत ….!!!
तो दोस्तो आज दिल्लगी गुफ्तगू में आज की मेरे पूर्व सुबह की पोस्ट पर खयाल ऐ प्रतिक्रिया ये आई की मैने जीवन की नकारात्मकता पर बया किया जबकि मेरा आज बर्थडे….
तो चलो दोस्तो जीवन का इक और उमर ए ऊर्जावान संपन्न वर्ष …का आगाज ….
RS Zala साब and जीत साब को डेडिकेट
*Nk सनातन