क्यों बदनाम करते हो जब आपने कभी चखी ही नहीं !
*जिसने चखी ही नही वो मुझे बदनाम करते हैं *
शरबती बदन तुझे किसी ने हाला कहा
किसी ने शराब किसी ने वफ़ा
किसी ने इसे बेवफाई के नाम पिया
किसी ने इसे खुशी में हलफ में उड़ेला
किसी ने पिया इसे गम के नाम पर
किसी ने इसे जन्नत का मकाम तो किसी ने दोजख कहा
हा किसी ने इसे जन्नती तोहफा कहा
तो किसी ने शेता का नाम दिया
किसी ने इसे मशहूर किया मशगूल होकर
किसी ने पड़ नाली घर दर बर्बाद किया
अह बदनाम खूब किया इसे
लोग डरने लगे तब जो चीज शाही थी क़भी
जब ये चीज आम बनी और बस अह बदनाम का काज बनि
लेकिन हर काल मे हर हाल में खास रही
ओर सरकार और रॉज जिसके पैरोकार रहे
कुछ किस्मो में हिस्सो में ये सस्ती तो कुछ महकमो में ये हमेशा खास रही।
ओर पींने वाला समाज बिरादरी में
हां हमेशा हमेशा खास खास रहा।
*NK सनातन