~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

डाक्टर,शिक्षक खुदा के प्रतिनिधि

डाक्टर ओर शिक्षक खुदा के प्रतिनिधि
जख्म जब- जब पुराने भरते हैं
उससे पहले दो-चार नए मिलते हैं
पहले हम दवा-दारू से भरते थे
फिर आलम ये कि बेअसर हो गए
मगर खुद-ब-खुद ही भरते लगे
पहले शिफ़ा में खुदा बसता था
जो बहुत जल्द ठीक होते थे
लेकिन फिर माहौल में जहर ऐसा घुला के
अब वबा बनी रहती है बावजूद शिफ़ा के
क्यो, क्योकि शिफ़ा ओर हकीमो में
अब सिर्फ व्यापार बसते हैं
कहने को खुदा बसते हैं डॉक्टरो में
लेकिन अमूमन-ज्यादातर ये किताबी बाते हैं
डाक्टरी हो या शिक्षा जब हैं सेवा से इतर व्यापार
तो द्रोणाचार्य ^शुक्राचार्य हर काल मे रहने हैं
ओर सेवा के करम हैं इन दो सेवाओ में
लेकिन पेट के साथ-साथ उनमे सब मे
ऐशो-आराम के, ऐश ओ आराम के –2
आराम वाले दानव के साथ भगवान भी बसते हैं।
मैंने इन खुदाओं के कुछ वक्रीय काम-धाम
सरे आम अपनी आंखों से देखे हैं
कहने को सब जानते हैं मानते हैं हाँ डॉक्टरों ओर भगवान के दिल कहां होते हैं !
*nk सेवक “सनातन’