धर्मसंकट ……!
सरकार को देश की जनता की भावना को ध्यान रख कभी ऐसे निर्णय लेने चाहिए
जब महा राष्ट्रीय पर्व ( 15 अगस्त यानी स्वन्त्रता दिवस )ओर उत्तम धार्मिक त्यौहार ( कोई भी जैसे अभी रक्षा बंधन ) यदि एक साथ एक ही दिवस आ रहे हैं तो धार्मिक त्यौहार की छुट्टी का निर्णय अलग से पहले ही ले तय दिवस का अवकाश प्रशासनिक स्तर पर घोषित कर देनी चाहिये क्योकि 15 अगस्त ओर 26 जनवरी तो ग्रिगोरियन कैलेंडर पर आते हैं…
ताकि सारा देश- समाज इसे जोर-शोर से मना सके
इस तरह एक ही दिन त्योहार पड़ने की स्थिति में व्यक्ति धर्मसंकट में पड़ जाए यानी एक तरफ देश एक तरफ भावना और परंपरा सो पहले ही अवकाश घोषित करना चाहिए फिर बहने यदि कही जाय तो दिन ब दिन दिनों लौट नहीं सकती अतः दो दिन का अवकाश होना चाहिये चुकी हम अपना महा राष्ट्रीय पर्व अंग्रेजी कैलेंडर से तय दिन 15 अगस्त को मनाते हैं जो तय है तो राखी आनी थी उसी रोज़ तो ऐसी स्तिथि में पहले संज्ञान में ले विवेकपूर्ण निर्णय लेना चाहिए ..
*NK sevak “sanatan”