~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

बेहद कौंधता मारक सवाल !

बेहद मारक सवाल

( सेना के जवान के शहीद होने पर कुछ कवियों द्वारा दिल तोड़ने जज्बा कम करने वाली मानवीय भावनामयी कविता लिखी जाती है, पढ़ी जाती है….”अफसोस सैनिक मानव नही मानव से ऊपर होता है उसके लिए देश सेवा के लिए जान न्योछावर करना फ़ख्र की बात होती है …कायर व्यक्ति ओर कायर परिवार अपने बच्चों को सेना में नही भेजते ओर कायर औरतें सैनिक से विवाह नही करती….अतः कवि द्वारा ऐसी कविता बकवास की उस मां पर क्या बीत रही होगी, उसकी बीबी पर बच्चों पर क्या बिट रही होगी….)

मेरा फलसफा की– जो भी सैनिक सेना में भर्ती होता है पहली बात वो निश्चित ही जाबाज़ है और 15 साल की सेवा में वो सोचता है कि देश के काम आऊ। शहिद होउ !! रिटायर्ड बाद जो मृत्यु आएगी वो शहादत नही कीड़े मकोड़ो की मौत कहलाएगी ।सेवा में रहते मॄत्यु वरण होगी तो शहिद कहलाऊंगा ओर तिरंगा बदन से लिपटेगा । राष्ट्र धुन बजेगी । देश सेना के जवान,अफसर सलामी ओर तोपो की सलामी देंगे और महान माखनलाल लाल चतुर्वेदी जी की कविता के —
चाह नही मैं सुर बाला के गहनों में गूंथा जाउ…
उन पुष्पों की चाह की वो शहीदों के पथ ओर चिता पर चढ़े ओर इतराये की मैं शहिद पर चढ़ाया गया हूँ!!!
*NK Sevak “sanatan”

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