कैप्टन की देश वापसी !
ओजस्वी कवि तिलकराज हल्दीघाटी को समर्पित मेरे भाव अनन्य भाव के साथ
( मित्र इसे अंतरराष्ट्रीय UNO नियम और संधि के हिसाब से समझे और लेवे/ काली सियासत से इसका कोई सरोकार नहीं )
मित्र वर मैंने आपका वायरल वीडियो फिर देखा तो दो पॉइंट ओर डिस्कशन का कारक बने , यथा–
एयर पायलट अभिनंदन की यथा समय में वापसी…
इसका श्रेय सरकार को देना अंतरराष्ट्रीय नियमो को धत्ता बताना है चूँकि वैश्विक नियमानुसार किसी भी सैनिक का सर्जिकल स्ट्राइक में विरोधी सेना के हत्थे चढ़ना … उस सैनिक को वापस बाइज्जत भेजना नियम है…. यदि उसे इरादतन मार दिया जाता है तो पुख्ता सबूत पेश करने पड़ते हैं जिसकी UNO जांच करता है… अतः दुश्मन सेना या सरकार को घुसपैठ सैनिक को लौटाना ही पड़ता है… अतः अभिनंदन साब की पूरे अंतरराष्ट्रीय नियमानुसार लौटाना पड़ा…. ओर दूसरा वजीरे आला इमरान खां साब विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी रहे है और खिलाड़ी अपने आप मे एक अंतरराष्ट्रीय राजदूत बोले तो अम्बेसेडर होता है और शांति सौहार्द का वो दूत ओर हर पीढ़ी का राजदूत होता है सो इमरान खान साब ने तुरंत संसद बुलाई ओर प्रस्ताव रखा कि हमे अभिनंदन साब को उनके वतन लौटना है और हैप्पी वापसी हुई..
*इंसमे चुनावी रैली में डिंग हांकना की हमारे रॉज में तुरन्त वापसी … सरासर गलत … लेकिन ये विषयवस्तु सिर्फ उसी को पता जो पोलिटिकल साइंस पढा हो या उसे ऐसी विरल जानकारी हो … इसलिए निरीह अज्ञानी वोटर्स उबल जाते हैं भावना में…
दुसरा बिंदु आपने सर्वजीत की वापसी जिसमे आपका स्वर थोड़ा मदिर है या मन्द है … की सर्वजीत की भी वापसी हो जाती तो….. लेकिन सर्वजीत पर इल्जाम जासूसी का है और अंतरराष्ट्रीय नियम में वो देश जिसने उस सैनिक को।पकड़ा है कार्यवाही के लिए स्वतंत्र है … वो जासूस नहीं है ये हम कहते हैं हम सबूत देते हैं वो सबूत देते हैं बस ओर केस चलता रहता है और सर्वजीत जेल में प्रताड़ना वश मारे जाते हैं सरकारे कुछ नही कर सकी… हाँ बॉलीवुड ने मौका भुना एक कमाऊ फ़िल्म जरूर बना दी…
NK सेवक “सनातन”