~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

गीत उसके मन का

गीत उसके मन का

*गीत उसके मन का

सोहनी धरती में मेरा यार खड़ा है ।
मैं देखु मेरा बिछड़ा प्यार खड़ा है ।।
तू मुझे यूं ही दिखता रहे -2
दूर से ही सही sss प्यार मिलता रहे ।।
अहसासों की माया में -2 संसार खड़ा है
मैं देखु सोहनी धरती –
के मैं देखु सोहनी धरती
के -के मेरा यार खड़ा है

जानता हूं जिंदगी छोटी है
प्यार की
पापी पेट दुश्मन बड़ा मगर जरूरी सयार भी
हज़ारो रंग है गम के पानी के
मोहब्बत का रंग सबसे ऊपर खुदा मेरे यार के
जरूरतों की शे पे संसार खड़ा है
मैं देखता हूं सोहनी धरती
की की मेरा यार खड़ा है

प्यार कुदरत है खुदा की क़ीमती नेमत है
मिल जाये सच्ची जिसे -2 खुशकिस्मत है
लेकिन ऐ संसार ऐसी अपनी किस्मत कहां
जिंदगी फसाना है
संवर जाए आसा होकर ऐसी जहां में तस्वीर कहां है
सोहनी धरती में मेरा यार खड़ा है
मैं सोचु के मेरा प्यार खड़ा है

तकदीर का फसाना ऐसा बन जाये
अफसाना तकदीर पर मेहरबान ऐसा हो जाय
की मिल जाय वो तलबगार चाहत है जैसी
मांग खुदा से जन्नत ऐसी
की टूट के चाहूं दुनिया से लड़ जाऊ
लेकिन ऐसी अपनी तक़दीर कहाँ है
सोहनी धरती में यार खड़ा है
मैं सोचु मेरा प्यार खड़ा है

ऐसा नही की कोई सदा न आई दिल ऐ बहार की
आवाज़ देती खुद वो लेकिन बढ़ जाऊ ऐसे मैं अनुप्रास लिए ऐसे मेरे अपने हालात कहां
कहने को पास समंदर है
बुझा दे प्यास ऐसी इसकी तासीर कहां है
मैं सोचु सोहनी धरती….

बस लगा हूं अपनी धुन में
ये सोच के ख़ुशगवार बना हूँ
ओरो के पास तो इतना कुछ भी नही
नसीबो से शिकवा शिकायत किसको नहीँ
मेरे पास जो है उनसे बेहतर है
जिन्दगी के लिए आगे वालो को देखना ठीक नही
सुकूँ की घर तलाश है तुझे तो देख पीछे वालो को
दावा है उससे बेहतर दुनिया मे कोई सिकुन नही है
सोहनी…….
हे परवरदिगार तू भी क्या गज़ब की चीज़ है
जाना के तुझे माना हैं तू है गुन्हेगार पर इतना नहीं।
ये जीवन संतुलन का आकाश तेरी मझबुरी है
हे दुनियां के आका सच मुझे तुझसे कोई शिकायत नहीं है
सोहनी धरती आकाश पुकारे
आ क्षितिज़ पर न मिलकर भी मिल जाये
जीवन का ये सुकूँ भी कोई कम नही है
सोहनी …

*dedicate 2 राइटर रक्षित
*NK सेवक “सनातन”