पोस्टमार्टम भारतीय क्रिकेट टीम की सीरीज हार का

पोस्टमार्टम भारतीय क्रिकेट टीम की सीरीज हार का

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(On india’s series defeat against S. Africa)
9 लगातार सिरीज़ विनर के रूप में चैंपियन भारत विराट कोहली के जाबाज नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर था। जैसा कि फोबिया था कि साउथ अफ्रीका का दौरा कठिन है मायने नही रखता था क्योंकि भारत एक दमदार टीम थी और पिछले 3 वर्षों में उसका प्रदर्शन नायाब रहा था और कामयाबी की लकीरें उसके साथ थी।
लेकिन जब भी आप खेल के मैदान में होते हैं आपका रुतबा आपके साथ तो होता है लेकिन शुरुआत शून्य से करनी होती है।
ओर इस सोच से जब भी कोई मैदान में उतारता है मात नही खाता।
बस यही भूल भारतीय क्रिकेट दल ने की ओर परिणाम हमारे समक्ष है । भारतीय ख्यात स्पिनर ओर पूर्व कप्तान बेदी ओर माशहर बल्लेबाज ओर विजेता कप्तान अजित वाडेकर ने पैक्टिस की बात कही और तंज कसा की भारत भारत मे श्रीलंका से खेल समय बर्बाद कर रहा था से मैं इत्तफाक नही रखता क्योकि जो खिलाड़ी किसी भी स्तर का हैं अपनी तकनीकी अभ्यास विश्वास से सदैव सरोकार रखता हैं।
अतः ये दकील इन दो महान क्रिकेटर्स की मुझे रास नही आई।
खैर सबका अपना नजरिया होता हैं।
भारत का मुकाबला विश्व की श्रेष्ठ टीम से था हालांकि दोनों में प्रतिस्पर्धा रही कि कभी आप कभी वो टॉप पर रहे।
लेकिन जैसा कि क्रिकेट विशेषज्ञ किसी चमत्कार से इतर कतई आश्वस्त नही थे कि भारत 25 साल से चले आ रहे सूखे को यो हाथो हाथ पाट देगा।
ओर छिछले दर्शक जो क्रिकेट की गहराई से अनभिज्ञ थे थाह नही ले सके ओर आशा से लबरेज उन्हें निराशा को झेलना पड़ा क्योकी उनके नायक उन्हें वो नही दे सके जिसके लिए बो बेकरार थे।
लेकिन चलो अब सीरीज को लेकर तो खेल खत्म हो चुका है और एक मैच अधिशेष है जिसे यदि भारत जीतता है तो भारतीय
खेल प्रेमियों को सांत्वना तोहफा होगा जो तसल्ली देगा।
विराट ने जबरदस्त पारी खेल भारत को खेल में लौटाया ओर
मैच 5 वे दिन तक चला लेकिन
दूसरी पारी में विराट दुर्भाग्य शाली थे या वो अपने अनुभव में चूक गए और गेंद के मिजाज से गच्चा खा गए। डीआरएस जो उन्होंने लिया ये दर्शाता है कि उन्होंने गलती की लेकिन भाग्य के साये छोड़ा की कही चमत्कार हो जाय। पुजारा जैसा बल्लेबाज जो विशुद्ध रूपेण टेस्ट बल्लेबाज है और मिस्टर रिलाएबल है दोनी पारियों में रन आउट होना दुर्भाग्य कहे या होनी । लेकिन टेस्ट मैच में वन डे की प्रकुति अपनाना कतई ठीक नही है। इस कड़ी में यदि पूरी टेस्ट टीम अलग हो तो पुजारा जैसा बल्लेबाज दबाव में न आये और दो को तीन में बदलने की जहमत ओर नादानी न करे।
*N K सेवक “सनातन”

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

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