भारत विरुद्ध वेस्ट इंडीज : प्रथम टेस्ट
{ अदने वेस्ट इंडीज के विरुद्ध वृहद भारत की ज्वलंत जीव }
कभी 80 और 90 के दशक में लॉयड एंड उनके डेविल्स और विव रिचर्ड्स और उनके जिएंट्स के सामने इक पारी में 250 रन स्कोर करना हिमालय विजय के बराबर था और किसी बल्लेबाज द्वारा व्यक्तिश अर्धशतक बनाना दोहरे शतक के समकक्ष उपलब्धि माना जाता था । हां एंडी रॉबर्ट्स,माइकल होल्डिंग, जिओल गार्नर और कोलिन क्राफ्ट की तेज गेंदबाजी चौकड़ी और फिर कोलिन क्राफ्ट के विद्रोही साउथ अफ्रीका दौरे के कारण टेस्ट खेलने से प्रतिबंध (ban) के कारण मेलकॉम मार्शल का तिकड़ी में शामिल हो चौकड़ी को बरकरार रखना ….सामने पूरी टीम द्वारा 200 रन बनाना बड़ी चुनौती होती थी..!!!!!
इसके बाद 2k में बावजूद दो महान तेज गेंदबाजों कर्टली वाल्श और कर्टली एम्ब्रोस और महान बल्लेबाज ब्रायन लारा की उपस्तिथि में वेस्ट इंडीज का पतन शुरू हुवा और वो खौफ खत्म होता गया हां गाहे बगाहे इन तीन बड़ी प्रतिभाओं के व्यक्तिगत ज्वलंत प्रदर्शन से वेस्ट इंडीज जीतता रहा….लेकिन इनके रिटायरमेंट के बाद वेस्ट इंडीज गर्त में चला गया और आज आलम ये की टीम रैंक में सबसे निम्न पायदान पर..….
अब देखे भारत जो पहली पायदान पर है वेस्ट इंडीज दौरे पर जो वेस्ट इंडीज दौरे पर जो वेस्ट इंडीज की औसत से भी निम्नतर टीम से खेल रही है और पहले टेस्ट में मेजबान फिसड्डी प्रदर्शन करता है अपनी पहली पारी में 150 और दूसरी पारी में 130 पर ढेर होता है और मेहमान 421 रन सिर्फ 5 विकेट खोकर बनाता है और वेस्ट इंडीज K ब्रेथवेट के नेतृत्व में इक पारी और 141 रनों को करारी पराजय झेलती है !
वेस्ट इंडीज टीम में कोई भी उच्च स्तरीय गेंदबाज और बल्लेबाज नहीं हैं । टीम में किमार रोच तेज गेंदबाज हैं जो 24 ओवर्स में 80 रन की कीमत पर इक विकेट लेते है और बाते हाथ के तेज गेंदबाज अलजारी जोसेफ 18.2 ओवर्स में 50 रन खर्च कर इक विकेट लेते है और जेसन होल्डर जो
हरफनमौला मध्यम तेज गेंदबाज है18 ओवर्स के 40 रन देकर कोई भी विकेट नही ले पाते हैं! और कप्तान के. ब्रेथवेट खुद के साथ 8 अन्य बॉलर्स आजमाते हैं यानी सिर्फ कीपर और चंद्रपाल ही गेंदबाजी नही करते हैं ! कीमार रोच जिनका औसत यूं तो 28 प्लस और ऑलराउंडर मध्यम तेज गेंदबाज जेसन होल्डर का भी 28 प्लस लेकिन क्लास और धार की बात करे तो वो खोफ वो योग्यता नहीं की अकेले दम पर कुछ कमाल कर सके ! ठीक है कभी कभार वो सफल होते है वो भी कमजोर प्रतिद्वंदी के सामने ! यानी नियमित पैनापन नहीं है । अब देखे भारत 421 रनों का अंबार खड़ा करता है और वो भी सिर्फ 5 बल्लेबाज खोकर ! यानी ये दोनो प्रमुख गेंदबाज औसत दर्जे का प्रदर्शन करते हैं और यही उनके लिए भारी पड़ा !
नवोदित जायसवाल टेस्ट डेब्यु करते है और 171 रन जड़ते है और रोहित 103 स्कोर करते हैं। और इक औसत टीम के समक्ष डेब्यू करने से आप इक बड़े बल्लेबाज के रूप में उभरते है लेकिन वही जायसवाल यदि सशक्त प्रतिद्वंदी के विरुद्ध आगाज करते तो थोड़ी मुश्किल जरूर होती खेर बंदे में प्रतिभा तो है बस ऐसा ही शानदार प्रदर्शन वो तगड़े प्रतिद्वंदी के विरुद्ध भी करेंगे तो क्रिटिक्स आपके इस प्रदर्शन को हल्के में नही आंकेंगें यानी समालोचक आलोचक आपको दाद देंगे! इस 421 रनों के ढेर में महान विराट कोहली का योगदान 76 रहता है वो भी 40 रनो पर कप्तान k ब्रेथवेट द्वारा कैच टपकाने के बाद यानी रियल स्कोर सिर्फ 40 और इस तरह इक शतक जड़ने का मौका चूकते हैं ! गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज दोनो पारियों में इक इक विकेट झटकते हैं लेकिन रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की स्पिन जोड़ी 17 विकेट (अश्विन 7/71 एवम 60/5 यानी दो पारियों में 12 विकेट और रविंद्र जडेजा 3/26 एवम 2/38 यानी 5 विकेट ) छटकाते हैं हां रविचंद्रन अश्विन
खेर रोहित एंड कंपनी के लिए WTC की पराजय के पश्च ये जीत दृढ़ता और विश्वास बढ़ाएगी । भारतीय टीम को बिना मुकाबले की इस बड़ी जीत के लिए बधाई !
आशा करे 28 जुलाई,2023 को दूसरे टेस्ट मुकाबले में वेस्ट इंडीज थोड़ा प्रैतिरोध और प्रतिशोध दिखाते ताकि क्रिकेट के असल प्रशंसक कुछ रोमांच महसूस कर सके!
*Nk सनातन