महान प्रदीप जी की महान रचना पर खयाल ऐ सनातन
ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आँख में भर लो पानी
जो शाहिद हुवे हैं उनकी
जरा याद करो कुर्बानी….
कवि पँडित प्रदीप जी की इस अमर ओर कालजई रचना गीत को जब स्वर कोकिला लता जी मुखरित किया तो लोगों के आंसू लरज पड़े….
पड़ोसी चीन ने मित्रता के नाम हमे धोखा दिया…
…..खेर…….
*मैं इस गीत की एक पंक्ति पर आपत्ति दर्ज करता हूं….
जिसमे कहा गया है
ऐ मेरे वतन के लोगो
जरा आंख में भर लो पानी
जो शहीद हुवे हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी
शहीदों की कुर्बानी पर
आँसु बहाना उनकी आत्मा और उनके बलिदान को क़मझोर करने वाला कृत्य है
साथ ही उनके परिजनों को क़मझोर करता है
ओर इस रुदन से नॉजवां
सेना में देशप्रेम ले जाने से मानसिक रूप से क़मझोर करता है
क़मझोर अभिभावक ओर पत्नियां अपने बेटे-पति को सेना में नही भेजते…
अतः देशप्रेम की भावना को बलवती करने हेतु
आंख में आंसू की पंक्ति को सिरे से खारिज़ करता हूं…
क्यो… क्योकि ऐसे जज्बात मनोबल कम करते हैं
हमे उन वीरो की कुर्बानी पर गर्व है फ़क्र है
हम इनकी कुर्बानी को याद करते हैं सलामी देते हैं
आँसु नहीं बहाएंगे…
आंसू दिली कमझोरी का नाम है !
आंसू दुश्मन के लिए उपहार है
बस इंतजा यही की शहीद जो अमर हुवा है
देश के लिए
आँसु नहीं
हमे गर्व है
हम इस परंपरा को देश के लिए जीवित रखेंगे।
हालांकि कवि प्रदीप जी ने ये पंक्ति करुण रस की वजह उड़ेली थी
देश भावना में बहा था
क्योकि चीन द्वारा छला गया था
देश मे मातम था कि इतने जवान देश के काम आ गए
अचानक बस यही धक्का लगा था।
काश मेरी बात उस पुण्यात्मा के पास जाए
तो शर्तिया वो इस पंक्ति को हटा देंगे !!
Salute इंडिया
Salute इंडियन आर्मी
Have proud and vanity if they get martyrs….Get sacrifice bow them
And
Salute their parent ,family
*Nk sevak “sanatan”