~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

महा नवरात्र सनातनी गरबा !

नोट: गुजराती गरबा – ये गरबा हिन्दी देवनागरी लिपि में है लेकिन भाषा गुजराती है !
इस नवरात्रि,7 अक्टूबर,2021 माता भवानी दुर्गेश्वरी की शान में भक्तों को समर्पित !

♀ नवरात्रि ना भक्ति रस अने ज्वार ♀

ऐ नवरात्रि आवी छे-3
अमे गरबा मांड्या छे-2
के नवरात्रि आवी छे
अमे गरबा मांड्या छे !

हे रूप नगर नि वातो
ने ऐ प्रेमनगर नी वातो
ओ अमे छे अनजाणया-2
आ दुनियानी भोथरी वातो
अमे तो नथी जाणता
ओ आ तो नथी जाणता
अमे तो जाणिए छे
मात्र भक्ति शक्ति नि वातो
ओ भक्ति-शक्ति नि वातो
ओ भक्ति ना उमड़या छे
ज्वार
बधा ने माथे छे भक्ति ना राज
ते माटे-2
ऐ अमे गरबा मांड्या छे-2
नवरात्रि आवी छे अमे..

भक्ति ना आवकार मा शक्ति ना सत्कार मा
काडजा मा हरख नी रुनझुन -2
अने श्रद्धा नि रम्मत-गम्मत 2 झनकार
माड़ी ना भाव मा गरबा- रास धार मा
अमे बधा बणया छे रास-रंगीला मीठा फनकार
हे माना सजया छे व्हाला
दरबार
ऐ ते माटे अमे मांड्या से मोगा गरबा द्वार
नवरात्रि आवी छे के अमे गरबा मांड्या छे

गरबा नि वाट मा
भक्ति नी हाट मा
अमे- ओ अमे-5
निसरया छे
करी ने-2 नव नवलखा श्रृंगार-२
घूमर -घूमर ,लहर -लहर,लहर खोया छे
बधा
मां शक्ति ना लाड-2
गरबा नी रीत छे -2
माँ शक्ति नि प्रीत छे
करिये छे -2 मोगा गुणगान
ऐ माटे सजाव्या छे अमे
मां गौरी मां काडी ना दरबार
आवी छे नवरात्रि आमे गरबा मांड्या छे
आ भक्ति नि छे सरस अने-2
मोघि, चोखी सौगात
हालो डुबीये भक्ति नि रात
ऐ जुदी छे नवरात्रि नि वात
भक्ति नि अमृतमई बरसात
त्रनो देवो अने देवियों नि मोघि हाज़री हज़ार
बधा देवी-देवताओं नो सुरमई वंदन वार
हे नवरात्रि आवी छे अमे गरबा मांड्या छे
ऐ भक्ति ना छे ऊंचा ज्वार अमे गरबा मांड्या छे

रम्मत गम्मत ,ढोल-नगाड़ा
अने नवयुग नी DJ (डी जे ) नि म्यूजिक धमाल
रास रसिया ने लास्य तांडव नि तान
अमे-2 गरबा मांड्या छे
*nk सनातन

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