★■ जहर का कमाल !■★
● कहानी : जहर अमृत बन गया !! ●
कहानी पात्र–
एक गरीब ब्राह्मण जिसका नाम भूषण पंडित
(जो हार्मोनीएक वादक है और निजी तौर पर मंदिर में भजन गाता है जिससे उसे कुछ दक्षिणा स्वरूप भेंट मिल जाती हैं भक्तों से ओर बहुतअच्छा गायक इर वादक सो मंदिर ट्रस्ट भी कुछ राशि दे देता है जिससे घर की आवश्यकता पूरी हो जाती है
एक 10 वर्षीय लड़की उस भजन गायक की (नाम — सुर बाला )जो उम्र के 45 वे पड़ाव पर पैदा हुई हुई थी
गायक की पत्नी गृहिणी है धार्मिक महिला है
एक बड़ा और ख्यात फ़िल्म निर्माता-निर्देशक(गुलज़ार मोहन बावरा)
कहानी कुछ इस तरह है कि भूषण पंडित रोज सुबह-शाम
मंदिर में हारमोनियम बजाता है और भजन गाता है ।
उसके कोई संतान नहीं है
उम्र 45 के बाद उसके एक लड़की होती है जिसका नाम सुरबाला रखता है
वह रोज स्कूल के अलावा पिता के साथ शाम को मंदिर जाती है और भजन गाती हैं और हारमोनियम भी सीखती है । जब वह 10 साल की हुई पिता 55 ओर मधुमेह के रोगी जिसके कारण आंखे चली जाती हैं और हाथ मे लकवा मार जाता है । अतः
पेशा खत्म हो जाता है
परिवार सड़क पर आ जाता है !
पिता टूटे- फूटे हाथ लेकिन हारमोनियम एक हाथ से बजाता है क्योकि बेटी हारमोनियम का पंखा हिलाती है ओर भजन गाती हैं ! सड़क सड़क ,मंदिर बाहर चौराहे बेटी भजन गाती है पिता के साथ । पढ़ाई छूट जाती है! दिन भर लोगो की दया से कुछ रुपये मिल जाते हैं और छोटा-मोटा गुजारा होता है ! एक दिन मंदिर के बाहर बड़ी लंबी कतार बद्ध भीड़ क्योकि
एक बहुत बड़ा निर्माता- निदेशक आया मंदिर पर हज़ारो लोग पंक्ति में पुलिस जाप्ता ,सुरक्षागार्ड
तभी उस भीड़ के पीछे बॉप हारमोनियम ओर बेटी भजन गा रही थी! तभी उस गुलज़ार मोहन बावरा को एक स्वर उ सुनाई दिया सुन कर वह
रुक जाता है। उसने पूछा स्थानित उसे रिसीव करने आये मंडल से की ये स्वर कहा से आ रहा है ओर कौन गा रहा है !
आयोजक मंडल बताता है कि गरीब लड़की गा रही है ये उसका पेशा है ! तब उसने देखने की इच्छा जाहिर की ओर कमांडो द्वारा भीड़ हटा उन्हे बताया गया!
तब भीड़ के पीछे उसने उस लाचार बॉप ओर उस मासूम को देखा ।
वह चुपचाप मंदिर में दर्शन करने गया
ओर लोट आया मंदिर ट्रस्ट को 50 लाख ₹ देकर!
वह 7 सितारा होटल में ठहरा था …
अगले दिन वह चुपचाप छद्म वेश में आता है और उन दोनों को कार में बैठा होटल लाता है !
वह उसकी माँ को भी ले आता है ओर निजी विमान से मुम्बई लौटता है
ओर मुंबई में उन्हें एक फ्लैट दिला देता है और एक संगीत गुरु वहां रख देता है । वह लड़की 6 साल की ट्रेनिंग लेती है ओर अच्छे स्कूल भी जाति है । सारा खर्च बावरा साब उठाते है।
लड़की 16 साल की बहुत ही सुंदर चेहरे से भी
यानी रूप ओर् स्वर की मालकिन!
फिर वह एक गीत उस लड़की के साथ अपने स्टूडियो में रिकॉर्ड कर लांच करते हैं ।उसकी जादुई आवाज़ से
सारे देश मे धूम मच जाती है ।उस आवाज़ ओर गीत को लेकर
मिडिया टूट पड़ता है और रातों रात करोड़ो की कमाई उस गीत से हो जाती है!
बॉलीवुड दीवाना हो जाता है उस आवाज़ के लिए ओर जो भी फीस हो गवाने के लिए बड़े बड़े आफर ओर सब तैयार ।
इस तरह वह देश की नंबर वन प्रोफेशनल सिंगर बन जाती है।
तभी उन निदेशक की सीवर हार्ट अटेक से डेथ हो जाती है। गॉड फादर कि अचानक मौत उसे हिला देती है वह जरा उबरती है कि पिता को भी खो देती है।
लेकिन सिंगर थी जीवन की लय के उतार-चढ़ाव समझती थी वह फिर उठ खड़ी होती है । धन की कोई कमी न थी उसके पास लेकिन प्राकुतिक ओर भौतिक है हादसे तो होने ही हैं ! उसने इंडस्ट्री में कइयों की दुकानें बंद कर दी थी जाहिर था छद्म रूप से अप्रत्यक्ष कई दुश्मन थे इर्द-गिर्द! लेकिन पहचानना मुश्किल था क्योकि हर कोई मीठा बोलता था मीठा व्यवहार करता था ! दुश्मन उसके पीछे लग जाते हैं उसे एक होटल में खाने में पोइज़न दे दिया जाता है लेकिन तुरंत इलाज से बच जाती है और लगभग 6 माह बेड रेस्ट बाद रिकवर होती है ।
ओर फिर गीत की दुनिया मे लौट गाती हैं एक खुद का लिखा गीत जो निदेशक की महानता ओर तपस्या पर आश्रित दार्शनिक मन छुअन बोलो वाला गीत था जो उसने ग
खुद के स्टूडियो में रिकॉर्ड कर लांच किया एक खुले मैदान में । उस लाइव कॉन्सर्ट में देश प्रमुख ओर कई वी आई पिज भी थे । और उस की पूरी कमाई सैनिक कोष में देती है । और वह गीत करोड़ो रूपये कमाता है ।उस मोड़ से वह सींगिंग जारी रखते हुवे समाज सेविका बन जाती है उसका मिशन की देश में कोई भिखारी नही दिखे। वह जगह-जगह भिखारी,बेगारी आश्रय स्थल खोलती हैं और उनके लिए शिक्षा और घरेलू रोजगार उपलब्ध करवाती है । ओर वृद्धों को नामजद कर पेंशन देती h । इस तरह वो देश की लोकप्रिय हस्ती बन जाती है। तभी कुछ असंतुष्ट राजनेता उनसे मिल एक राजनीतिक पार्टि बनाते हैं और देखते ही देखते उस पार्टि ( धड़कन राज दल DRD )के लाखो सदस्य ओर सक्रिय कार्यकर्ता बन जाते हैं पार्टी ने ईमानदारी पहली शर्त है । तभी राष्ट्रीय चुनाव आते हैं उसकी पार्टी हर जगह उम्मीदवार खडा करती है और बहुमत प्राप्त करती है और वह उसके सांसदों द्वारा वह देश प्रमुख चुन ली जाती है । गाना उसका अब भी जारी है और कुदरत का चमत्कार देखे की जो जहर उसकी आवाज खत्म या प्रभावित करने के लिए दिया गया वो अमृत का काम करता है और उसकू आवाज कुदरती यानी दूसरे संसार की या स्वर्ग सी बन जाती है कि सुन लीग सम्मोहित हो जाते हैं !
उस जहर में आवाज़ खोने की साजिश थी लेकिन उल्टा होता है !
सुरबाला जो अब वयस्क सुंदरी थी ने नाटक भी किये की उसकी आवाज़ खो गयी है ओर वह अब नहीं गा पाएगी। दुश्मन खेमा जश्न मना रहा है तभी सरप्राइज मिलता है कि सुरबाला ने एक गीत रिकॉर्ड किया है खुद के स्टूडियो से। सारे साजिशकर्ता सकते में आ जाते हैं कि ते चमत्कार कैसे हो गया जबकि
जो भी म्यूजिशियन जाते वह इनकार कर देती थी कि उसकि आवाज चली गयी है ! ये जानकर उसके साजिशकर्ता ओर व्यावसायिक दुश्मन खुश थे
लेकिन एक एल्बम अचानक चुपचाप खुद के बूते बना लांच ओर् सुपर डुपर हिट
उसकी आवाज़ उस जहर से ओर ज्यादा अमृतमय हो गयी और इस बात से दुश्मन को बड़ा झटका लगता है !
उस दौरान वह एक बहुत बड़े फ़िल्म स्टार से शादी करती है जो उसके फिल्मों में बतौर पाश्र्वगायिका पहली पसंद थी ! दोनो के दाम्पत्य से
एक लड़की का जन्म होता है ! तभी उसकी सुरक्षा में ही एक बिक जाता है और
उसे गोली मारता है लेकिन वह मलाला की तरह किस्मत से बच जाती है !
हॉस्पिटल में भर्ती तब सारा देश प्रार्थना करता है ओर सही सलामत घर
वापसी करती है।
तभी 5 वर्ष कार्यकाल के पूरे जिसमे देश बहुत तरक्की करता है जनता खुश हैं और अगले चुनाव में वह राजनीति से सन्यास की घोषना कर समाज सेवा ओर तेज करने का ऐलान ओर वो भी वैश्विक लेवल पर। उसके पति मशहूर फिल्म स्टार राघवराज पारासर चुनाव जीत जाते हैं । सुरबाला को नोबेल के लिए चुना जाता है !
भव्य समारोह में उसे नोबल पारितोषिक दिया जाता है । राजनीति एक ऐसा क्षेत्र जिसमे हर किसी को खुश नही रखा जा सकता क्योकि वहां हर कोई महत्वाकांक्षा पाल के रखता है और विद्रोह आम बात है और इस तरह पार्टी में टूट ,असंतुलन ओर फिर देश मे राजनीतिक अव्यवस्था ओर इतनी बढ़िया सरकार के बावजूद वोटर उसे हरा देते हैं और इस झटके से दोनो एक भव्य मंदिर बनवा कर सन्यासी बन जगह जगह प्रवचन देते हैं। बेटी बहुत ही होनहार जो शुरू से ही अमेरिका की नागरिक क्योकि उसका जन्म अमेरिका के मेटरनिटी होंम में हुवा था। वह मशहूर बेर्रीस्टर,जज फिर एक शहर की मेयर ,फिर सेनेट ओर फिर उपराष्ट्रपति फिर राष्ट्रपति । इस तरह सुखांत रूप से कहानी का दी एन्ड !