~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

भारत रत्न -“सचिन R तेंदुलकर !

***” सचिन तेंदुलकर… एक क्रिकेटर से एक किवदंती !” ***

( जन्म दिवस 24 अप्रैल पर हार्दिक हृदयोद्गार)

यू तो हुवे हैं क्रिकेटर्स कई सिरमौर देश मे अजब- गजब

मगर जब बात हो सचिन के सन्दर्भ में तो बस भजन भजन

जो साधारण परिवार से असाधारण फहरिस्त में चंदन-वंदन

*महज़ सोलह बरस कुल्फ़ी आइसक्रीम के दिनों में धमक-धनक

*केरियर की शुरुआत वो भी उसके विरुद्ध जो शुमार बड़े शत्रुओं में मानते घृणित ,कुलषित

सो चाहे बालक हो योद्धा प्रारंभ से ही बनना था,बना लड़ा डटकर

दुश्मन ने मिसाइल दागी गिरा मगर भरत सा उठा

जो खेलता था शेरो से खिलोनो की तरह

लड़ा वो सुरमा अभिमन्यु सा भेद कोई चक्रव्यूह न रोक सका

मचा कोहराम पे कोहराम रणभूमि में घटोत्कच की तरह

पाट दिए सारे लक्ष्य कर दिए बोने देखते ही देखते

सारे आयुध सारे दिव्यास्त्र कर विफल बन गया वो त्रयम्बकेश्वर

सानी नही कोई तेरे अहले जलवो का हे मास्टर ब्लास्टर

लघु हो गए सारे आंकड़े आगे तेरे -महा कर्म

मान लिया तुझे “क्रिकेट का भगवन”

*नव पीढ़ी का तू बड़ा आदर्श न सिर्फ महाखेल से

वरन बन सज्जन खेल का दुर्लभ सभ्रांत मुखर

तू विश्व शांति दूत शाही-सज्जन खेल का

करे नमन जमाना तू महा गौरव खेलजगत भारतवर्ष।।
( 2 )

लिटिल मास्टर कद आला इतना तेरा हो गया ।
खेलो का शिखर सम्मान खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार बोना हो गया ।।
तब देश प्रेमियों ने मुहिम छेड़ी लिए तेरे बड़ी भारी ।
ओर सारे नियम से इतर सर्वोच्च नागरिक बिरुद समिति हारी।।
तब नवाज़ा सर्वश्रेष्ट देश शिखर पदवी से
तू बना पहला खिलाड़ी भारत रत्न
वाह भारत रत्न , वाह भारत रत्न।
धन्य भारत वर्ष ,धन्य भारत वर्ष।।
जय भारत वर्ष , जय भारत वर्ष।
विरल भारत वर्ष,जिगर भारत वर्ष।।

*NK Sevak “sanatan”