सेलिब्रिटीज खास की आम आह !
◆एक सेलेब्रिटी की वाह में आह मशहूर होने की बड़ी चाहत थी की पर हो न सका
चाहत मर गयी कि अचानक किस्मत चमका
मशहूर हो गया लेकिन मेरी निजता खत्म हो गयी
सेलेब्रिटी बना और पब्लिक पेर्सोना बन गया
तब सारे भोतिक सुख हो गए इर्द गिर्द
लेकिन अफ़सोस सारे प्राकुतिक प्राइवेट सुख खो गए
महज़ वो नुक्कड़ थड़ी पर दोस्तो के संग चाय की चुस्कियां
वो सड़क -चौराहे आलू-टिकिया चाट के चटकारे
वो सड़क और पैदल ,साईकल ,बाइक चलाना बिंदास दूभर हो गया
अब हालात ये की चारो तरफ 5-6 बाउंसर्स या रक्षक
फिर पुलिस द्वारा जेड प्लस सुरक्षा घेरा
हिन्दुस्तानी हुँ चाहे वहाँ कौने में लघुशंका कर लेता था
अब उस मोड़ पे खड़ा भी हो जाता हूं तो खबर बन जाती है
पहले बीमार होता तो हॉस्पिटल घण्टो लाइन में
इलाज होने से पहले लाइलाज़ हो जाता था
अब आलम ये की छिक भी आती है तो दो-चार नही एक दज़न डॉक्टर्स की टीम दौड़ी चली आती है
ये रुतबा ये पैसा चीज ही कुछ ऐसी है
एक आम को खास नहीं बहुत खास बना देती है
दूर से पर्वत सुहाने लगते हैं किसी ने ठीक ही कहा है
सोचता हूं कि फिर एक बार साधारन बन निज नैसर्गिक जीवन का मजा लूं।
*nk सेवक ” सनातन”