चेहरा-मोहरा अलग-थलग!

♀ चेहरा -मोहरा अदल-बदल*
शादी की रस्म से दो अजनबी
सुसंगत विवाह या गंधर्व विवाह के माध्यम से बंधते हैं , एक होते हैं…. ओर जिस्मानी संसर्ग से संतानोत्पत्ति होती है और पीढियां , क़ायनात अनवरत अग्रेषित होती है…. अस्तित्व में रहती हैं…. ओर इस रस्म से कुरूप- कुरूप
कुरूप – सूंदर
सुंदर ;कुरूप
औसत सुंदर- मध्यम सुंदर
मध्यम सुंदर -मध्यम सूंदर
अति सुंदर-मध्यम सूंदर
अतिसुन्दर-अति सुंदर
नर-मादा युग्म से नस्ले किसी परिवार में सुधरती हैं कही बिगड़ती हैं कही जस की तस रहती है…. कुल मिलाकर निचोड़ यही की नस्ल में परिवर्तन होता रहता है… कहने को कुल या वंश पिता के वंश से माना जाता है लेकिन मेडिकल साइंस अनुसार
X+ X ओर X+ Y के मेल से मादा – नर का निर्माण होता है और संतान में चेहरा-मोहरा माता और पिता का मिश्रण होता है रंग-रूप भी कभी दोनो का संमिश्रित रूप या संश्लेषित रूप या या एकीक रूप संतान धारण करती है।
लेकिन कुल मिलाकर नस्ले सुधरती जाती है…..अगर आदि मानव से तुलना करें तो आज तक मे सुंदरता का औसत बढ़ रहा है… रंग और रूप डील-डौल या शरीर शौष्ठव भी बढ़ रहा है।
इस लघु आलेख के अंतर्गत एक चित्र प्रस्तुत है जो इस आलेख का अर्थ स्पष्ट करता है…
यानी 4 फ़ोटोज हैं वो भी बॉलीवुड जो कि बेहद अप्पिलिंग क्षेत्र है कि 4 मशहूर हस्तियां है…. जिसमे
पिता, पुत्र, पोता ओर प्रपोता …
चारो की सूरत एक दूजे से अलग-थलग है….. हालांकि एक दूजे में आंशिक अक्स जरूर उभरता है कि ये एक दूजे से वंशानुगत डीएनए एक है।
*nk सेवक “सनातन”