नूतन वर्ष मगर किसका ?

New Year
नया साल मगर किसका
हमारा तो विक्रम में बदला
उनका हिजरी केलेंडर में
आपका शक संवत में
पर बेशक सबका
ग्रेगोरियन केलेंडर में
क्यो क्योकि दुनिया इसी केलेंडर
पर चल रही है
क्यो चल रही हैं
जानते सब हैं
हमारे शक में शक है
विक्रम में भी आगा-पीछा
हिजरी केलेंडर की भी यही कहानी
सो ग्रेगोरियन ही सबसे
ऑथेंटिक या वैधानिक भाई
तो जो सत्य है सरल है
ओर सब फिक्स्ड है
तो चलो कह ले
हैप्पी नव वर्ष ग्लोबलाइ
हैप्पी न्यू ईयर रोमनाइ
सरकार अपनी या पराई
सब इसे ही फ़ॉलो करती भाई
UNO की भी यही ममताई
सारी दुनिया इसी से चलती
चाहे माने न माने है सच्चाई
राम धारी सिंह “दिनकर” लिखने को लिख गए कविताई
की क्यो माने इसे हम नव वर्ष
ये तो ख्रीस्तीय थाती है
अपनी तो शक या विक्रम
किसे माने हे रघुराई
*NK सेवक “सनातन”