~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

Quill pen, inkwell and open manuscript pages

NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

आपका 29 वां जन्मदिन !!!

***जन्मदिन-Happy Birthday**
जन्म दिन हर वर्ष आता है इस वर्ष भी
ओर जन्म दिन के अवसर बड़े होने का खुमार ओर बसन्त गिनने का वो उत्साह
लेकिन एक दौर ऐसा आता है कि गिनती से भय लगता हैं
हां मेरे जैसे शक्स जो जीवन दर्शन से महीन वास्ता रखता है और जिसने महान गीता के महान कृष्ण उवाच को समझा है मृत्यु पर विजय प्राप्त कर लेता है तब वो अब आये कब आये तब आये फर्क नही पड़ता
समय ही जीवन है आज से 50 वर्ष पूर्व मैं नही था और जाने कितने वर्ष समय घड़ी बाद मैं नही रहूंगा
यानी समय ही हैं कि हम हैं और नही होंगे
हमारे पुरखो के साथ भी यही हुवा ओर वो आधुनिक युग मे मकान कक्ष की दीवारों पे हैं कभी वो इस सुविधाभाव मे दिल मे रहा करते हैं अब दीवार पर टंगे रहते हैं और माला भी काष्ठ की क्योकि टांगने वाले वालो को पता है कि व्यक्ति निर्जीव है
यानी माया सब सजीव की ही है
आज आप 29 के हो लिए कल आप 35 फिर 45 ओर यू गिनती जारी रहेगी
लेकिन फिर हमें गिनती सालेगी खलेगी
क्यो की बढ़ने का अहसास न्यून हो जाएगा और दर्शन के निकट की उम्र कम हो रही हैं

Back to the Treasure Index