~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

घरेलू प्यारा दुश्मन

■ एनोफिलीज मच्छर का खुलासा ■

आदमी हंमे तपाक से मार देता है
आल आउट,गुड नाईट,मार्टिन ,कछुआ अगरबत्ती, फ़ास्ट कार्ड और सरकारी फोगिंग …
यानी हंमे मारने के सारे इंतज़ामात मौजूद हैं
ओर ये सब आदमी की तरफ से वाजिब है
क्योकि हम उसे काटते हैं ओर खून पीते हैं
जिससे व्यक्ति बीमार होता है जिसे मलेरिया नाम दिया है ।
उस dr रोनाल्ड रास का सत्यानाश की उसने हम पर संकट पैदा किया। निश्चित हमारा काम पिशाची है क्योकि काटने पर व्यक्ति को दर्द भी होता है और वह बीमार भी होता है । धर्मानुसार दुश्मन को कभी माफ नही करना चाहिए ! वो एक गीत भी है महान गीता श्री महाग्रंथ से जिसमे श्री जनार्दन यानी श्री कृष्ण कहते हैं कि दुश्मन को दंड देना धर्म है और वो युद्ध फ़िल्म का गीत –” श्री किशन ने कहा अर्जुन से न तू प्यार जता दुश्मन से ! तो व्यक्ति हंमे मार देता है क्योकि हम उसके नही उसके स्वास्थ्य के शत्रु हैं।
काश ईश्वर तू आदमी का खून हमारा भोजन नही बनाता ओर बनाता तो काटने पर आदमी को दर्द नहीं होता ओर न ही वह रुग्ण होता तो शर्तिया आदमी बड़े मझे से काटने देता । लेकिन चलो परमेश्वर की कोई बहुत बड़ी विवशता रही होगी की उसने हमारी ये नियति बनाई
ईश्वर प्रकट हुवे– अरे मच्छरों जब मैंने तुम्हें गढ़ा तब मुझे नहीं पता था कि ये आदमी इतना शातिर निकलेगा
वह तो मेरी सत्ता तक पहुच चुनोती दे रहा है
मेरा पता लगाने का प्रयास कर रहा है
इतने सारे इलाज की मेरा लिखा भाग्य फेल हो रहा है
ओर रोनाल्ड रास की खोज से पहले तो खूब मझे खूब दावते उड़ाई हैं
ओर मेरे लिखे भाग्य को सही ठहराया तब जब इंग्लैंड और दुनिया मे भयंकर तुम्हारे कारण लोग मरे तब पता लगाया कि ये तुम्हारे कारण होता है और मलेरिया नाम दे कुनेन की गोलियां बना कर लाइलाज को इलाज रत बना दिया
हां भगवन अब आदमी हमारा भाग्य लिख खुद यमराज बन गया है !!!!
*nk सनातन

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