~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

ज़िन्दगी कैसी है पहेली…जो सुलझ गयी सुलझा के

जिंदगी कैसी है पहेली…जो सुलझ गयी
मशहूर बॉलीवुड गीतकार योगेश जी गौड़ साब की इह लीला एक संतोषजनक जीवन के सफर के बाद ….
ईह लीला गॉड साब की समाप्ति पर “सनातन” की आह** एक श्रद्धांजलि स्वरुप
( जिंदगी कैसी है पहेली जैसे महान दर्शन गीत के रचनाकार के देहावसान ओर फ्रंट पेज पर कोने में एक छोटी सी खबर छापने के लिए महान अखबार दैनिक भास्कर को धन्यवाद !!!!!)

बस यही टिस यही आह है ऐ मेरे दोस्त-2
दो सांड या एक शराबी या एक पागल
उधम मचाये बीच राह या चौराहे पर
अखबार फ्रंट पेज पर बड़ी सी कवरेज देता है
क्योकि पाठक वर्ग उसे बड़ी तवज्जो देता है
ओर एक कालजयी गीतकार
रुख़सत होता है
तो अफसोस कही कोई खबर तलक नही
ओर छप भी जाय अखबार के किसी कोने ग़नीमत
क्या युग परिवर्तक दर्शन पुरोधा की यही नियत
क्या उस महान शख्सियत की इतनी सी हैसियत
इस व्यावसायिक जगत की कैसी निर्जीव रीत
की एक कौने में छपे तो छपे
चाहे महान नीरज हो या साहिर
चाहे ही कैफ़ी ,मंटो ,ग़ालिब
ओर तो ओर इससे इतर इतना वीभत्स
एक राजनेता,कारपोरेट या सेलेब्रिटी की
हो ओछी-अनर्गल हरकत- वरकत
ऐसे की महान कार्य वाह वाह वाह
फ्रंट पेज पर कसीदे पढ़ते -2
छप जाते हैं हाथोहाथ जैसे हो
बड़ा कृत्य बड़ी खबर !
*nk सेवक “सनातन”