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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

【 व्यंग्य चित्रण शब्दो की लड़】

.रमता जोगी राज योग
【 व्यंग्य चित्रण शब्दो की लड़】
मोहि जी ……
जी फरमाइए……..
आप इतने अच्छे काम कैसे कर लेते हैं !?
हा पत्रकार बेटा …….
मोहिजी बेटा .. मैं तो आपकी उम्र का हूँ…
मूर्ख पुरुष राज ओर राष्ट्र पुरुष देश के बाप होते हैं….
उनके आगे सारी प्रजा पुत्र यानी संतान की तरह होती है …
देख तू —“क्यो” ये भी पूछेगा … इसलिए मैं तेरे क्यो का जवाब भी दे देता हूं। आखिर दुनिया मुझे दूरदृष्टि ओर पक्का इरादा यू ही थोड़े कहते हैं।
जी ..ये बात तो हैं मोहि जी….
तो आगे सुन…
में जब किशोर उद्दण्ड बालक था ….
उद्दण्ड ….
यानी नटखट …. तुझे पत्रकार किसने बना दिया राष्ट्र का चौथा स्तंभ है तू
पत्रकार मन ही मन बुदबुदाता है- जैसे जनता ने आप को प्रथम स्तंभ बना दिया….
अरे पत्रकार तू कुछ मेरे बारे में बड़बड़ा रहा है…
तू जानता है मैं मतदाताओं के मन की बात जानने की ताकात रखता हूँ ( यहां ताकत को जान बूझकर ताकात लिखा है क्योंकि गांधी के क्षेत्र के लोग हिंदी के “ताकत” को गुजराती में एक मात्रा ओर लगा कर उस शब्द की शक्ति और खुद की शक्ति डबल कर देते हैं । लेकिन पंजाबी हमारे मन खोवन सिंह एक शब्द को कम कर देते हैं जेसे तारीफ़ को “तरिफ़” यानी पंजाबी -गुजराती कितने भी पढ़े लिखे होते हैं क्षेत्रिय टोन आ हि जाता है …बंगाल की समता सॉरी ममता की बात ‘तोकात’ नही करूंगा वरना बात दूर तलक जाएगी और मेरे इस कथन से पश्चिम बंगाल में दीदी को फायदा हो सकता है। ओर तुम्हें पता है मैं सिवाय कुछ के फायदा किसी का भी नही चाहता । तूने देखा है न लाड किशन लड़वानी ओर मुरली मौजधर जोशी को मैंने जरा भी फायदा नहीँ पहुचाया क्योकि देश ऊपर पार्टी ऊपर ओर ये दोनों फायदा ले चुके थे।
पुनः विषय पर ध्यान दिलाते हुवे
पत्रकार – कैसे ???
अरे तुझे याद नहीं महान मणिशंकर जी ने मुझे नीच कहा और दूसरे फेज में मेरी पार्टी जीती पहले चरण में तो डिब्बा बैठ गया था। यानी मैं अति भाग्यशाली हूँ और इस पर लोग भगवान को भी बुरा-भला कह कोस रहे हैं कि इस आड़ू सॉरी फाडू आदमी को क़िस्मत वाला बनाया। लेकिन ऐसे बहुत हैं उदाहरण की खुदा महरबान तो गधा पहलवान।
पत्रकार– तो मोही जी आप अपने आप को गधा कह रहे हैं…
नही नही…. गधे ये तो एक फेमस मुहावरा है …. लगता है यू भारत से नही पाकिस्तानी है तेरा CA कराना पड़ेगा..खेर जाने दे
हाँ ये प्राणी ईश्वर ने ही बनाया है और ईश्वर की इस रचना की बुराई कर हम ईश्वर की आलोचना करेंगे इसलिए बिल्कुल नहीं…
ये प्राणी कई मामलों में सबसे भाग्यशाली हैं और एक बात में तो दुनिया मे नंबर वन है …
फिर इसकी आवाज अहा
बहुत मीठी …मधुर…. ये हिपहॉप ज़ाज़ डिस्को रोक पॉप बेले संगीत का गुरु है सुना है तानसेन महाराज ने उन्ही से शिक्षा ली थी।
पत्रकार– मोही जी इसमे कुछ नृत्य हैं
अरे मूर्ख नृत्य और संगीत और गाय की सब एक ही ईट के चट्टे बट्टे है जैसे राजनीतिक में पक्ष हो या विपक्ष सब एक ही माटी के घड़े हैं…
खेर
एक देवरे में मैं मेरी माँ के साथ रोज जाता था।
वहां इक चमत्कारी भोपा बावजी थे । बड़ी भारी भीड़ लगती थी भक्तों की। बाबा के बारे में सुना था कि वो चापटर ओर ढोंगी पाखंडी बदमाश गुंडा थे उन्होंने कई छोटा भाई और मोटा भाई पाल रखे थे। लेकिन मुझे ,मेरी अम्मा को ओर भक्तों को अच्छे लगते थे तो थे इसमे किसका क्या
बाबा सिर्फ संडे संडे हो प्रकट होते थे क्योकि शुद्ध शाकाहारी थे सिवाय अंडे ओर चिकन के कुछ वही मांस -मछली नहीं खाते थे। मैं ओर भक्त उनके इस त्याग-तपस्या से बड़े प्रभावित थे….
अब थे तो थे इसमे किसका क्या…
एक दिन मैं उनके धौस लग रहा था
मोहिजी धौस नहीं धौक
अरे प्रतिकार बंधु मैं धौस ही बोल
रहा हूं ये विपक्ष ऐसे ही गलत – शलत सुन मुझे ओर मेरी पार्टी को बदनाम करते हैं।
हा मैं धौस लग रहा था यानी पैर छू रहा था बाबा के…..
कि मुझे थोड़े भार यानी भाव आ गए
मेरी माँ घबराई की अचानक मेरे काल सॉरी लाल को क्या हो गया…
बाबा ने कहा घबराने की कोई बात नही है
तो माँ ने
पूछा बावजी ये क्या है
तो उन्होंने कहा–
तू भाग्यशाली हैं..
तेरा बेटा अखण्ड सौभाग्यवति है….
वो कैसे– शादी करेगा लेकिन बला साथ नही रहेगी
भोपा जी बला…..
हां पत्नी साथ नहीं रखेगी…
अच्छा अच्छा भोपा जी
धन्य है आप त्रिकाल दृष्टा हैं…ओर सुन ऐसा योग क्यो हैं क्योकि
तुज पर मसाणिया यानी मसान भेरू जी की कृपा हुई है…
यानी आज से इसमे बादशाह तुगलक राजा भोज ,डायर-डलहौजी की आत्मायें अलग-अलग घड़ी निवास करेगी ओर इसके भाल पर सम्पूर्ण काल सॉरी राज योग है
भोपाजी इसका मतलब
यानी आज रात 12 बजे से…
भोपाजी समझ गयी….
आपने बैठे -बेठे ही महाभारत के संजय की तरह मेरे लाल का भविष्य दर्शन करा दिया..
ओर सुन …
उसके साथ-साथ तुम्हारे बेटे के समकालीन एक महापुरुष जिनके ज्ञानी पिता जो इंग्लैंड में पढ़े थे जो गणेश के बारे में पूछने पर कहते थे अच्छा वो एलिफैंट गॉड…हां लाडूल गाँड़ि जैसे महान महापुरुष ओर नेता की बुद्धि ओर बल तुम्हारे सामने आते ही तुम्हारा चौगुना हो जाएगा और उसका शून्य…
यानी महाराज.
66 इंच … ओह भोपा जी समझ गयी..
आगे सुन…
अच्छा भोपा जी इससे मेरे पुत्र को क्या फायदा होगा…??
अरे फायदे की बात कर रही है हां लोगो ओर देश को नुकसान होगा ..
भोपाजी नुकसान…
अरे जबान फिसल गई इसे उल्टा समझ …..फायदा

वो फायदा ये होगा
की तेरा बेटा एक ही काल मे सुयोधन ओर दुर्योधन बन इतिहास रचायेंगा ओर सदा – सदा के लिए मतदाताओं पर जीवित होने तक राज करेगा और राजनीतिक इतिहास में अमर हो जाएगा । साहित्यकार उस पर कालजयी रचनाएं लिखेंगे। पाठ्यपुस्तको में इस महापुरुष को हिटलर -मुसोलिनी ,सद्दाम हूसेन, जियाउल हक छीन साब की तरह पढ़ाया जाएगा…
भोपाजी मैं इतनी पढ़ी -लिखी नहीं हूँ छोटी जाति से हुँ मैं इनको नही जानती पहली बार सुना है इनके नाम…
अच्छा तो सुन सरल शब्दों में…. तू मंदिर- मस्ज़िद तो जाती होगी आशाराम रामपाल राम रहीम जैसे ज्ञानी बाबाओ के प्रवचन सुनती होगी..
जी बाबा
तो महाभारत रामायण कुरान बाईबल के बारे में कभी- कभी “आख्यान सुने होंगे ..
जी बाबा ..
तो तेरा बेटा रावण कंस हिरण्यकश्यप की तरह पढ़ाया जाएगा
भोपाजी हिरण्यकश्यप
हाँ अरे वो थी न हाँ होलिका की तरह पूजी जायेगी…
अच्छा महाराज….
तो निचोड़ ये पत्रकार महोदय की
ये सब उन भोपा बावजी की कृपा है कि
आज हम ने देश दुनिया में बड़ा नाम किया है महान ट्रम्प किंग जो ज़िंगपिंग इमरान नेतन्याहू पुतिन जैसे हमारे मित्र हैं !!!!!
*NK सेवक “सनातन”

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