अपना अच्छा भी चला गया !
अच्छे से अच्छा भी चला गया !!
अपना बुरा भी चला गया !
अपना बुरे से बुरा भी गुजर गया !!
जाने ये वक्त कैसे गुजर गया !!!!
अब बुरा-अच्छा साथ चलेंगे
लेकिन अच्छे के नाम पर
ये जमाने की तर्ज है
जमाने के नाम पर
गुजरा चाहे अच्छा हो या बुरा कभी भुला नहीं जाता
दिमाग है जो भूल जाता है
लेकिन जहन जो ख़ुदा का वास्ता है
जाने क्यों याद रखता है
चार दिनों की जिंदगी में
ये सब तो होना है
*N K सनातन