आईना ऐ मौत देख संवरे !
आईना ऐ गौर तलब
एक के बाद एक लोग बिछड़ते जा रहे हैं !
ओर हम-तुम कतार में लगते जा रहे हैं !!
कुछ अपने तो कुछ पराए दुनिया से चले जा रहे हैं !!!
उम्र चालीस से पहले मौतों के मंझर ये न थे !!!
बाद इसके एक के बाद एक विकेट गिरते जा रहे हैं !!!!!
कोई क्लीन बोल्ड कोई हिट विकेट तो कोई रन आउट
ओर कोई कैच तो कोई एलबीडबल्यू आउट होते जा रहे हैं !!!!!!
*nk सेवक “सनातन”