~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

डिग्री और मार्कशीट

डिग्री और मार्कशीट

*Degreeeeeeeeees”
शिक्षा इक पवित्र पेशा है। और शिक्षा व्यक्ति को सुसंस्कृत या यु कहे इन्सा बनाती है । शिक्षा में फर्जी अङ्क तालिका द्वारा कई प्रश्न खड़े हुवे हैं
खुद देश की मानव संसाधन मंत्री या शिक्षा मंत्री की डिग्री सवालों के घेरे में हैं
देश के PM की डिग्री पर भी अरविन्द केजरी वाल ने सवाल उठाए लेकिन देश अभी तक नही जान पाया की देश के लोकतांत्रिक प्रमुख कितना पढ़े हैं
देश में शिक्षा माफिया सक्रीय है और खुद शिक्षा से सम्बंधित महकमे इसे पुष्ट करने में लगे हैं
आज ही देनिक भास्कर जो देश का लभ्ध प्रतिष्ठित अख्बार है ने -फर्जी मार्कशीट : बछार सरपंच को निलम्बित करने के निर्देश
news छाप कर नेक काम किया है
लेकिन ऐसे कई मुद्दे हैं सर 5वी पास की बात से उच्च शिक्षा में बड़ी गफलत भरी पड़ी हैं ऐसे में कई निजी शिक्षालयो की मान्यता सवालों के घेरे में है
बिहार टोपर काण्ड सबके सामने है
राजस्थान के इक ही स्कूल से 17 मेरिट में आने वाले काण्ड का कोई अता पता नही
बेचारे विद्यार्थी बड़ी मेहतन से 40 %लाते हैं और कई सेटिंग से मेरिट लाते हैं और 70 -80 % लाते हैं यानी थ्योरी यानि अंक तालिका में वो बड़े क्वालिफाइड नज़र आते हैं जबकि हकीकत के धरातल पर उनका स्टार 20%का भी नही होता
हलाकि 20%वाले भी डॉक्टर बने हैं engineer क्योकि सिस्टम ने उन्हें राह दी
मरीज मर गया और भवन गिरा सबने देखा लेकिन
बिद्यार्थी का कैरियर मरा जो नही दीखता क्योकि उन्हें सवालिया डिग्री वालो ने पढ़ाया और
कई जगहों पर bosses महरबान रहे और आगे वाले चाटुकार जी हजुर और सिफारिश सिस्टम से तो बिना योग्यता वालो ने भी पढ़ाया
एग्जाम में appear होना ही योग्यता नही होती
जब तक आपके हाथ में योग्यता प्रमाण नही आप योग्य नही कहलाते
और विशेष कर देश का प्राण शिक्षा जहा विद्यार्थियों के भविष्य का प्रश् हो
देश में धृतराष्ट्र बहोत हैं उन्हें लगता है वे जो कर रहे हो सही है उनका जमीर मर गया है वो अंतर्मन में नही झाकते नही तोलते हैं और उन्हें लगता हैं वे दुनिया के सबसे सच्चे लोग हैं और दूध के धोये हैं आप दूसरो की नज़र में क्या हैं सोचे
ठीक है आपकी अपनी लाबी आपको अच्छा कहेगी क्योकि उन्हें अप से लाभ हैं
नोट बंदी पर 80%positive और20%negetive टिप्पणिया आ रही हैं
क्यों क्यों की लोकतंत्र का 4था स्तम्भ भी बिक चुका है
पारदर्शिता कही नही
मोदीजी पारदर्शिता लाने केप्रयास में है
इश्वर उन्हें कामयाब करे उन पर जो इल्जाम हैं की वो चुनाव जीते उसमे सारा धन वाइट था क्या उनके cm राज में गुजरात में कुछ भी अनर्गल नही हवा क्या
और हुवा तो प्रायश्चित क्या है!!/???????????

*nk सनातन