त्योहार अलग आईना एक
रंग हो या बदरंग जीवन तो जीना होता है
कभी दीवाली तो कभी होली
आईना सब त्योहारों का एक सा होता है !
*रंग दार होली
हुड़दंग धुलण्डी
मस्ती के रंग
शिव की भंग
बस सब कुछ
बम बबम बम
शिव लहरी
~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~
A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon
रंग हो या बदरंग जीवन तो जीना होता है
कभी दीवाली तो कभी होली
आईना सब त्योहारों का एक सा होता है !
*रंग दार होली
हुड़दंग धुलण्डी
मस्ती के रंग
शिव की भंग
बस सब कुछ
बम बबम बम
शिव लहरी