*महंगाई हर दौर का आर्तनाद ! *
महंगाई हर दौर में देश के आम जन की आर्त आवाज़ रही है रोटी -कपड़ा और मकान की तुलना में सबसे ज्यादा जरूरी है और
यदि देश की सरकारें देश के आम जन को रोजगार मुहैया न करा सके तो
महंगाई कम कर देनी चाहिए ताकि एक आम जन जिसकी आय औसत या कम है कमसे कम अपने परिवार को पालन पोषण कर सके।
स्मरण रहे देश की 90 % जनता की मासिक ओर वार्षिक आय औसत ओर न्यून है
ओर सनद रहे कि—–
की देश की 90 % संपत्ति देश के 50 धनाढ़्य लोगो के पास है।
जिस सरकार ने मंहगाई पर ध्यान नही दिया उसको मात दी है
ओर जिसने राहत दी है उसे जनता जनार्दन ने पुनः सिरमौर बनाया है….।
*NK सेवक ” सनातन”