~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

सोना और सोना

सोना और सोना ! *
तुम्हे सोना चाहिए
जा दिया !
वरदान मांगने वाला
खरबपति था
उसे नींद की गोलियाँ लेने पर भी नींद नहीँ आती थी !
अब सोना आ गया
लेकिन वो सोना चला गया !
उसने भगवान से कहा
भगवन ये क्या सोना नही रहा !
भगवन देख भक्त दोनों सोने एक साथ नही रह सकते !
क्यों भगवन ?
वो इसलिए कि एक देव है इक दानव !
ओह भगवन ! ऐसी बात है क्या ?
तो फिर जो था सोना वही वापस दे दो और नींद वाला सोना वापस ले लो !
भगवन जानते हैं फिर भी छेड़ने को शातिर आदमी की फितरत देखते हुवे पूछते हैं – क्यो भक्त ?
वो इसलिए भगवन की मरने के बाद सोना ही सोना है फिर तेरे स्वर्ग में
तो उस सोने का महत्व नही मैं मूढ़ था कि वो सोना मांग लिया । मैं भूल गया कि मैं भौतिक लोक का निवासी हूँ और इस भौतिक धरतीलोक में सिर्फ़ सोने का ही मोल है नींद वाले सोने का नहीं । कई भिखारी ओर गरीब लोग बेफान गहरी नींद सोते हैं उन्हें कौन पूछता है । अतः
भले नींद नही देता ये सोना लेकिन लोग इसी सोने की वजह से मुझे सलाम करते हैं !
ईश्वर धन्यवाद वापस सोना देने के लिए ।
इस तरह वह पुनः नकली सोना पा खुश हो गया। असली सोना उसने खो दिया ! अब वह सो नहीं पाता था फिर से। इससे उसे कई बीमारियां होती गयी और सुखद नींद के अभाव और नींद की गोलियों के सेवन से साइड इफ़ेक्ट होते गए ओर एक दिन वह मानसिक रोगी हो गया और सारी दौलत, सोना होने के बावजूद गरीब रह गया। अब उसे पता नहीं था वह कौन है । दिन-रात भर फ़टी निगाहे ओर एक दिन पूरी फट के रह गयी अगले दिन उनकी तस्वीर दीवार पर लटका दी गयी । जब पहुँचा परलोक ईश्वर ने कहां अरे तू तो सदा के लिए सोने की बात कर रहा था तू तो यहां भी फटी आंखे यानी जागते हुवे आया है। हां ईश्वर मैं बहुत कुंठित हूँ अपने निर्णय पर अब मुझे असली सोना देकर अपनी परम् शरण मे स्थान दे दो । अफ़्सोस जीते जी व्यक्ति को उस सोने का महत्व नहीँ समझ आता है और मरणासन्न अवस्था मे ही उसे उस असली सोने का अर्थ पता चलता है कि अंतिम समय मे वह एक गहरी सांस ले सुखद मौत पा दुनिया को अलविदा कहे!
*N K सनातन