अगर दुनिया में ऊपरवाले ने मौत मुकर्रर न की होती प्राणी की
तो न डर न भय न भूख न नोकरी पेशा न पूजा अर्चना की जरूरत पड़ती
जानवर तो बेचारे बिना पूजा पाठ अर्चना अजान के जिंदा है
आदमी बहुत शाणा शर्तिया अपनी दानवीय सोच की सोच से
ईश्वर को फिर कभी न मानता
ये तो डर हैं जनाब श्रद्धा के नाम
खेमे के लोगो द्वारा नमो नमो भजा जपा जाता है
*Nk सनातन