~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

दयालु ईश्वर सवालों के घेरे में

दयालु ईश्वर सवालों के घेरे में

दया के सागर संसार के मालिक

है सर्वशक्तिमान तू दया का अवतार है सारे ग्रंथो का निचोड़ शांति सद्भाव अपनी जिंदगी जीना नैतिक गुणों से लब्ध होना है….तू महा बुद्धिजीवी …चमत्कारी ….
तो ये जो फोटोज है जिसमे शेर निरीह प्राणी का शिकार कर रहा है यानी मार रहा है….जाहिर है आदमी की तरह शौकियाना नही स्वाद के लिए नही ….विवशता वश की शेर के पास और कोई विकल्प नहीं क्योंकि तूने उसका शारीरिक गठन ही ऐसा कर रखा है वरना हजारों प्रकार की वनस्पति और घास फूस फल फ्रूट जैसे हाथी गेंडा खाता है …और महा शक्तिशाली है ….!
मेरा मर्म की तू दयावान है तो हर चीज हर प्रकृति में दया,नैतिकता प्रदर्शित होनी चाहिए थी…यहां तो शिकारी खुद शिकार बन जाता है …
और मृत्यु की महा चाबी तेरे हाथ है …जो आदमी के लिए अबोध प्राणी के लिए असहनीय अस्वीकार्य है लेकिन…
क्या सर्वेश्वर तेरे पास कोई और विकल्प न थे…
शायद तूने ये दुनिया किसी दानवराज को सदा के लिए ठेके दे रखी है चला मेरे नाम से अपने मिश्रण के साथ …!!!

पर्यावरणीय संतुलन में अजूबा है रोमांच हुई सनसनी है यू कहे की सुंदरता है पर सुंदरता नही है …हम किसी की मौत पर जश्न नही माना सकते हां लोग मनाते है वो और बात है…इंसान की मौत पर देव तक दानव जो भी है पीछे इसके अनुरंजीत होते ही क्या इंसान की तरह की शेर हिरण का शिकार करता है और इस निर्मम घड़ी को सुंदरतम दृश्य कहता है !
*NK सनातन

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