~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

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NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

From Sanatan's Writing Blog

“मौकापरस्त :बहती गंगा में हाथ मलना “

💐👍राष्ट्रीय सच्चे जनप्रेम में सनातन nk की चीरती तस्वीर,भेदती तक़रीर

सोनम वांगचुक
भूखे 25 दिन से आप मर रहे हैं परिवार आपका परेशान
और सारे भेड़िए आ गए किए गए शिकार को खाने बड़ी शान
इतने दिन कहां सोए थे सब ईमानदार निस्वार्थ जन जनाब
ये पेपर लीक छात्र हित मे आते तो सोनम से पहले ही आते
लोहा गरम सोनम और हथौड़ा ठोकने आप
कुल मिला कर ये विपक्ष का राजनीतिक आइना ,भुनाने कि सोच
फिर आप सब जो इकट्ठा है
दूध के धोए न बिल्कुल नही
इलज़ाम आप सबो पर ढेरो हैं
दुसरो के इल्ज़ामों को इंगित कर आप पाक साफ नही हो सकते
और पीढ़ी को बरगला नही सकते
बात महत्ती और खास लोकतंत्र की
तो सार्वजनिक आवाज़ उठनी चाहिए
लेकिन हम तभी आपको कि तस्वीर आपकी भी साफ होनी चाहिए
यू रंगा सियार और सियासती रंग हरगिज़ जायज़ नहीं
अगर गलत है तो दुष्यंत मुखर होना चाहिए
पहले भी ऐसे आंदोलन क्रांति के बिगुल बज
निर्भया कांड में कैसे कैसे रामलीला जुटे
भूखे रहे अण्णा और मकई केजरी खाए
सिरमौर था जो गांधी भूखा रहा
किनारे हुवे और
उन लोगों कि राजनीति के द्वार खुले
और देखते ही देखते आप केसरी हुवे
क्योकि की लोकतंत्र में भीड़ तंत्र हैं
सोच समझ विवेक दस फीसद ही है
बाकी भेड़ चाल कि गडरिया टूहरर…करे और सारी भेड़ एक राह चले।
कुल मिला कर लोकतंत्र में चोर चोर मौसेरे भाई
दाल बदल ये खतरनाक है
ईमानदार सरकार मिले देश की राजनीति मे हर हाल
की गोपालकृष्ण, तिलक,भगत,शेखर,सुभाष और
लोकनायक जयप्रकाश सारे उपजे ।
*nk sevak “Sanatan’