मौसम का फलसफा !

मौसम का फलसफा !

मौसम के दर्शन
हर चमन में पतझड़ आते हैं।
मोसम के मिजाज़ भी छाते हैं
की कभी सावन तो कभी हेमंत
ऋतुराज बसंत के दिन आते हैं।
लेकिन मै “सनातन” स्वर्ग हो या नर्क
मुझे हर हालात भाते हैं।
जिंदगी नर्क का आइना
तो मौत स्वर्ग का साया
कुछ देर ही सही
सब थोड़ा-2 भरमाते हैं।
NK सनातन

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

Leave a Comment

Keep reading

You may also like

घरेलू प्यारा दुश्मन ! Hindi

घरेलू प्यारा दुश्मन !

■ एनोफिलीज मच्छर का खुलासा ■ आदमी हंमे तपाक से मार देता है आल आउट,गुड नाईट,मार्टिन ,कछुआ अगरबत्ती, फ़ास्ट कार्ड और सरकारी…

October 5, 2021 Read →