** हमसाये हमराज के***
गम नही शराब पीता हु
बेहद बेहिसाब पिता हु
इसलिए नही की गम ओ रंज हैं मुझे
ओर अगर हैं भी तो तेरे जो मेरे अपने
वो इसलिये भी की गम भी तो
आखिर दिए तूने अपने है
साथ मरने का रिवाज़ नही
प्रेमी मजनू लैला मरे
इसलिये की मोहब्बत
उनकी मुक्कमल नही हुई
इसलिए ये दस्तूर कम ही हुवे
ओर मिकम्मल नही हुई मोहब्बय
फिर फी राधा कृष्ण के प्रेम के शोर
बहुत बहुत तो ठीक मगर
पाक ओर बहुत पाक हुवे और होते है।
Nk सनातन