नाक वालो नापो नाकों के प्रकार (A Satire on Types of Noses)

नाक वालो नापो नाकों के प्रकार (A Satire on Types of Noses)

नाक ऊँची होना सुना है एक मुहावरा
नाक चढ़ना मुहावरा सुना होगा।
चेहरे पर सजी शान कवियों ने लिखा।
चेहरे पर दो खाली प्लाट दो गाल,
मगर उन पर भी बहुत लिखा है।
ललाट से टकरा, किसी के केवल भाल,
किस्मत वालों के दोनों कह लो चाहे टाल,
बदरंग-वीरान बंजर खाली प्लाट,
लिखा तारीफ में इसके चौदहवीं का चांद,
मगर उन सबको मैंने, नजर अंदाज किया।
मैंने लिखा है दो इंच पर बने, नाक के मकान-मकाम पर
आँखे सुन्दर मगर नाक भव्य लगती है।
आँखे शर्मो हया पर नाक इज्जत मानी जाती है।
जैसे संज्ञा के प्रकार है, फसलों के भी,
पकवानों के प्रकार होते है, चोरियों के भी,
और आदमी औरत की साइज होती है,
ठीक नाक के भी प्रकार साइज़े होती है।
किसी की बड़ी किसी की छोटी और लम्बी किसी की,
किसी की सुन्दर किसी की औसत,
किसी की भद्दी होती है,
मगर आज की तरह नहीं कि किसी के होती है,
किसी के नहीं, कान की तरह नहीं सुनने वाला,
बेवफा नही होती, लेकिन वफ़ा का पर्याय नाक
बस नाक होती है, गंध हो सुगंध याके दुर्गंध हो,
क्रमशः (नाक)
सूँघती सब की है, तो सुनिये नाकों के प्रकार,
मूल्यांकन भी आप के, मूइर जांचने आप से,
नाक तोतापुरी, नाक सारसमुखी, नाक उल्लुनुमी,
नाक सूर्यमुखी, नाक कागसमी, नाक हंसमुखी,
नाक कोयलमुखी, नाक बगुला नुमी, नाम गजमुखी,
नाक गरुड़मुखी, नाक बाज़मुखी, नाक ऊँट मुखी,
नाक गौरैया रूपी, नाक कद्दू नुमी, नाक लौकी नुमा,
नाम करेला नुमा, नाक बैंगन रूपी, नाक भजिया नुमा,
नाम पकोड़ा नुमा, नाकमटका रूपी, नाक अंगुरी,
नाक निंबौरी, नोक आम रूपी, नाक सेब रूपी,
कुल मिलाकर नक्स अच्छी, जब नाम हो सच्ची,
बाकी शिकायत उस विश्व रचयिता से
और धरती के अपने वाहकों से,
बस इतना ही, आप है, मैं हूँ
फैसला करे खुद ही ये मामला आपका है।।

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

Leave a Comment

Keep reading

You may also like

सफेद बादल ! Hindi

सफेद बादल !

तुम आग जलाओ बूझाने का पुण्य हम कमाएंगे वैसे ही समां में दावानल थोडे वे जल जायेंगे तो क्या जुल्म हो जायेंगे…

April 3, 2023 Read →