★शीतमयी वादियां कुदरतमई शादियां★
तुम्हारी नज़र वो दीवानी नज़र
मस्तानी नज़र वो सयानी सुहानी नज़र
अफसाना बया कर गयी
दिल का नजराना अदा कर गयी
मेरे हौसलों को उड़ान दे गई
मेरी हामी दोनो को गुल ऐ गुलज़ार कर गई
तुम्हारी वो नज़र, सब कुछ ,दिल का राज बया कर गयी
मेरे दिल को मदमाते साज दे गई
धड़कनों में तेरा प्यार धक-धक ,लक-दक कर गई ।1।
तन-बदन हाय तुम हुस्न की मलिका
आफताब ऐ नूर शशि का आईना
मन तुम्हारा मंदिर अमृत का खजाना
तुम मेरे दिल की सरताज मैं हुवा बेहद दीवाना ।
तुमने कहा तुम मेरे मन के साज दिल का याराना
मैंने माना हुवे तुम मेरे दिल के गीति अल्फाज़ मैं दीवाना
अक्स उभरे मन रक्स हुवे
छाई रुबाई छटा
मन शिवभंजनी गौरीरूपा तुम रूपसी गोरांगना ।2।
तन-मन झूमा धरती और आसमा अमृत सा बरसा
फूल खिले चारो तरफ़ लिए अपना चमन जो था वीराना
तुम बुलबुल मैं गुल
फ़िज़ा में रंग मोहब्बत
अफसाना बया हुवा
लेकिन दुनिया ऐ सैयाद मोहब्बत का
दर्द वो भी सहा, फसाना ये भी देखा
दर्द में भी कितना मजा वो दर्द बेदर्द हुवा ।3।
तेरी गली तब बरसाना
मैं मदनमयी गोकुल सा आना-जाना
गरबा मैं लास्य तुम वो आसमानी तराना
मन रमा शिवरति सा
राग शिवरंजनी माहौल कैलाशा ।4।
वो दिलरुबाई आवाज़ की मन तुम्हे भज राग मल्हार हुवे
मन भंग रंग से घुले
ओर तन आराधन अर्चन हुवे
तुम शिवानी मन मेरा शिवाला हुवा
महाशिवरात्रि भी आई मन गन्धर्व सूत्रम पिरोया
ओह क्या आसमा झूमा
देवमयी समा बंधा
ओर जाने क्या घटाए छाई
ओर बादल फटा ।5।
ओर सब कुछ बह गया
दुनियावी अपनी हार
जीवन दूसरे सफर का सफर हुवा
सिलसिला यू टूटा मौसम फिर पतझड़ हुवा
थम गया तुफा ,सैलाब और बवंडर
वक्त के साये फिर सफर दूसरा शुरू हुवा
हुवा वही दुनिया ऐ दस्तूर
केश लैला का सफर यू खत्म हुवा ।6।
*NK सनातन