सनातन आवाज़ !!!!!

सनातन आवाज़ !!!!!

**सनातन उवाच **

धरनों ,अनशनों ,आन्दोलनो की मार पर
जीतता -हारता जीता अपना देश ,
सिस्टम पर मंत्रणा, ताड़ना -वारना लिए चक्षु आवेश ।
बहस घनी-भारी वो भी नुक्कड चाय थड़ियों पर,
5 ₹ में घण्टो लुटाता, हँसता-गाता रूठता-मनाता बाटता अपना गम-शोक
हर्ष-उल्लास
शिक़वा-शिकायते
अपने -अपने राग अपने-अपने द्वेष
अपनी-अपनी ऊऊ अपनी तर्ज
फक्र ऐ जहाँ कहते हैं जिसे भारत
महान
तेरा -मेरा फिर अपना देश
अपना जहान हिंदी हिंदुस्तान
न तेरा न मेरा- बस या कहो सिर्फ स्वार्थ साधाय अर्ज , मर्ज न फ़र्ज बस हक ओर हक
रंजो गम तेरे, तेरी जाती ,तीन रंग 2 ओर 2 पाँच बनाना मेरा-तेरा-सबका धर्म।
खतरे में है… कहाँ…अपना देश..
बाहरी खतरे पर एक कहाँ
पर एक -मेक एक-मेक
अपना देश भारत देश !
*NK सेवक “सनातन”

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

Leave a Comment

Keep reading

You may also like

श्रीराम नवमी नवम नवल धवल Bhakti

श्रीराम नवमी नवम नवल धवल

मेरा मंदिर ध्वंस कर बाबरी मस्जिद बनाई गई मैं मर्यादा में बंधा कभी शक्ति प्रयोग नही चाहे हो सम्मुख आतताई मेरे आराध्य…

March 30, 2023 Read →
उबटन माँ शल्य-शिवा अवतार ! Bhakti

उबटन माँ शल्य-शिवा अवतार !

उबटन पार्वती शल्य शिवा अवतार सिद्धि विनायक गण गणपति अधिराज लाल बाग के बादशाह तोहे मम प्रणाम लेखनी के अधिदाता बुद्धि के…

September 14, 2021 Read →