~ Welcome to the Literary World of NK Sanatan (Naresh Kumar Sevak) ~

Quill pen, inkwell and open manuscript pages

NK Sanatan's Writing Treasure

A Treasure of Thoughts, Poems & Prose
Written Since 1990

Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

एक सो पैतीस करोड़ इस बार एक गोल्ड

★ अलविदा टोकियो★
【कल समापन हुवा 2020 जो 2021 में हुवे ओलंपिक की ,कोरोना के कारण, अगला ओलंपिक पेरिस में 2025 में 】
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खुद गाल पे झापट मार कर खुश रखना हम ! भारतीयों की आदत है
नी मामा तो काणा मामा तो हैं खुश हैं बस !!
*nk सनातन

हम कहां ठहरते हैं ?
हम तालिका देखे ओर सोचे कि हम कहाँ ठहरते हैं इसका क्या कारण है
कहावत मशहूर है भारत मे —
खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब !
पढ़ोगे लिखोगे बनेंगे नवाब !!
ओर मूलतः यही कारण है कि खेलों में हम फिसड्डी हैं…..
लेकिन अब वो अवधारणा नहीं रही ओर् अभिभावक ज्यादा नही पर 100 में से 1% लोग अपने बच्चों को खेल में कैरियर बनाने को प्रेरित करते हैं… ओर सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा खेल के लिए कम बजट ओर्ड न्यूनतम सुविधाएं फिर भाई-भतीजावाद, सिफारिश,रिश्वत ,घुस, रुतबे का इस्तेमाल….
रिश्वत का सबसे बड़ा और विभत्स उदाहरण की विराट कोहली के पिता श्री को विराट के U-15 सेलेक्शन के लिए सेलेक्टर्स ने रिश्वत मांगी थी…
खेर इस टोक्यो 2020 ओलंपिक में हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि जेवेलियन थ्रो व्यक्तिगत स्पर्धा में एक स्वर्ण पदक…
हमारी पायदान 48 वी
ओर हमसे छोटे देश हमसे बहुत आगे…2
रजत ओर 4 कांस्य यानी कुल 7 पदक…..
इस महान उपलब्धि पर हम गौरान्वित हैं खुश हैं वाह…
*nk सनातन