@ ड्रीम इलेवन आईपीएल जलवा@
“ड्रीम इलेवन बनाओ बाबा बनो!*
ड्रीम इलेवन की कल्पना पी उन्होंने की जो दीवालिया बने थे व्यापार में….फिर क्या सूझी भगवान या दानव ने युक्ति दी और ड्रीम इलेवन का कॉन्सेप्ट परोसा क्रिकेट ~अक्रिकेट प्रेमी दोनो को की पैसे लगाओ कुछ और करोड़ पति बनो…जो दीवालिया बने उन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दिवालिया बनाने का मोबाइल ऐप बनाया और अब रोज के करोड़ों कूट रहे है….
हिंदुस्तान में जुआ यानी मटका किंग रतन खत्री का पर्याय पिछले दो दशक से प्रतिबंधित यानी banned है लेकिन जाने कैसे एप को और ऐसे एपओ को शासन की हरी झंडी मिल गई….और रोज करोड़ों लोग कमसे कम 49 ₹ गवा रहे है और रोज करोड़ पति कोई आम नही बन रहा शुरू में या कभी कभी आम यानी साधारण व्यक्ति जो खेलईया है को बना दिया ताकि लोग ललचाए….और आश्चर्य बड़े बड़े सेलिब्रिटीज और क्रिकेटर इसका बड़ा एड कर रहे है और लोग भरमा रहे है और गवां रहे हैं…ये सेलिब्रिटीज राष्ट्रीय आदर्श यानी रोल मॉडल उन्हे अपनी जिम्मेदारी लेते हुवे समझते हुवे इसका ad या विज्ञापन नही करना …सिर्फ ये कहना की उसमे लत,आदत पड़। सकती है ,ये खेल झोखिम भरा है कहना काफी नही है.. अतः बेसिर पैर और जोखिम भरे( risky) विज्ञापन वो भी महज पैसे के लिए नही करने चाहिए …भाई आप वैसे ही करोड़ पति हैं…!!!
जहां तक विज्ञापन की बात है वो चीज कारगर होनी चाहिए…
इस कड़ी में भारतीय बॉलीवुड जगत के ग्रेट शो मैन और सशक्त अभिनेता राज कपूर साब ने इक बार अपने छोटे भाई शम्मी कपूर साब को इसलिए फटकार लगाई की वो एड फिल्मों में काम कर रहे थे….
एड में कमोबेश 90 प्रतिशत प्रोडक्ट अकारगर और घटिया होते है…..
आईपीएल के जितने भी एडिशन हुवे है मैं क्रिकेट का बहुत गहरा फैन हूं लेकिन आज तक TV पर इक भी मैच नहीं देखा ….
और मोबाइल पर बार बार एड आ रहे थे तो मैंने भी ड्रीम इलेवन ने गैंबल किया पहले 4₹ फिर 24₹ फिर 49 चार बार एक बार 39 यानी कुल 7 बार जिसमे मैंने दो बार 49 ₹ गवाए बाकी सब में जीता लेकिन कितने सिर्फ 49 हर बार….
फिर मैने इसका
अध्ययन किया तो समझा की रिजल्ट जीरो है…
रोज लगभग 3 करोड़ लोग 49 रुपिया लगाते है…और रोज कोई करोड़ पति नही बनता…बनाता भी है तो एप के ही लोग या गुर्गे….ट्रांसपेरेंसी नही है…और यदि किसी 500 लोगो की ड्रीम इलेवन मैच कर भी गई तो फिर किस्मत से सिर्फ इक ड्रॉ निकाला जाएगा…
अब 3 करोड़ गुणित 49 कर ले ….और देना सिर्फ इक करोड़ जिसमे 30 लाख जीएसटी यानी सरकार को कर देना…
तो खेलो इंडिया
खेलेगा इंडिया तभी तो जीतेगा इंडिया…
रोहित,विराट,पांड्या ,
गांगुली ये एड धड़ल्ले से कर रहें है…
इस एड में इंडिया का नाम जायज नहीं है… इसे चुनौती देनी चाहिए… आईपीएल नाम लो न भई…
सरकार ने भी टैक्स के नाते इसे जायज कर रखा है…!!!!
सनद रहे मैने 7 बाजी के बाद फैंटेसी ड्रीम एकेवन का चस्का तज दिया है
*Nk सनातन