जीवन व्याकरण नही है!

जीवन व्याकरण नही है!

“जीवन व्याकरण नही*
जीवन कविता है लेकिन व्याकरणीय कभी अव्या करणीय ,कभी तुकीय कभी अतुकिय ,कभी छंद अलंकार मय तो कभी छंद अलंकार हीन, कभी गद्यात्मक कभी पद्यात्मक ,कभी सुरमई शास्त्रीय संगीत लिए तो कभी कर्कश बेसुर बेताल अलय बद्ध …..
यानी जीवन कविता अ कविता का मिश्रण…..
और सेलेब्रिटी महान व्यक्तियों के उदाहरणों में बिल गेट्स,प्रिंस चार्ल्स,राजेश~विनोद खन्ना ,गुलजार साब,चेतन आनंद, राज कपूर,राजेंद्र कुमार,शत्रुघ्न सिन्हा,किशोर,मिथुन,
धर्मेंद्र ,अमीरखान की प्रेम कहानिया,प्रेम विवाह,विवाह
फिर कुवारे राहुल गांधी,सलमान खान;
अरबाज खान, सैफ अली का प्रेम फिर तलाक तलाक,
मोहम्मद शमी का वैवाहिक जीवन,विनोद कांबली का जीवन,अमिताभ बच्चन की सफलता फिर आर्थिक उथल पुथल बर्बादी फिर शिखर,अनिल अंबानी की विफलता, विजय माल्या का दिवालियापन और पलायन और लिक्योर ( liquor ) किंग से भगोड़ा पहचान !
*Nk सनातन

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

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