विश्व हिंदी दिवस
संसार में बोली जाने वाली तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा…….हिंदी महान समृद्ध,सटीक और देववाणी संस्कृत की सुता है और अपनी मधुरता लय ताल की वजह से कर्णप्रिय है…..बॉलीवुड के गीत कारों ने कई सर्वप्रिय गीत रचे और KL सहगल सा,मन्नाडे साब,मुकेश जी,रफी साब,तलत महमूद साब, महेंद्र कपूर जी की महान पीढ़ी ने स्वर्णिम युग बना हिंदी को जन,जन की यानी आम भाषा बनाया…….भारतेंदु हरिश्चंद्र हिंदी के जनक और प्रणेता माने जाते है…..जयशंकर प्रसाद,निराला ,दिनकर, हरिओध,वात्स्यायन,मैथिली शरण गुप्त ,सुभद्रा कुमारी जी,महादेवी जी,हरिवंश राय ,नीरज जी ने भाषा को ऊंचाई दी…..बॉलीवुड की स्वर साम्राज्ञी लता जी, उनकी बहन अशाजी ने चारो तरफ मधु रस घोल दिया… नूरजहां ,शमशाद बेगम ने सहज शूरुआत कर आम जन को झकझोरा….आज हिंदी देश की राष्ट्रभाषा है…लेकिन अफसोस इस पर भी राजनीति हो क्षेत्रवाद आम होकर बलवती हो रहा है….
दूसरी बात जो मैं अपने पूर्व के लेखों और मंथनो में उकेर चुका हू कि विद्वान
प्रणव मुखर्जी
मोमता बनर्जी
मनमोहन सिंह
जैसी राष्ट्रीय शक्सियत ठीक से हिंदी नही बोल पाए तो इक आप जन से ये आशा कैसे करे की वह हिंदी शुद्ध बोले
हमारे महान प्रधानमंत्री मोदी जी गृहमंत्री अमित जी की हिंदी भी गुजराती टोन वाली है हां हमारी केंद्रीय शिक्षामंत्री स्मृति ईरानी जी की हिंदी अच्छी है कारण वह बॉलीवुड से संबद्ध सीरियल कलाकारा रही है….
आज के दौर में हिंग्लिश हिंदी भाषा और भाषी लोगों पर हावी है जैसे~~~
मैं आ तो रहा था बट (but) रोड (road)पर एक फ्रेंड मिल गया तो उससे मीटिंग में टाइम लग गया
चलो आज हिंदी दिवस है और मेरी हमेशा कोशिश शत प्रतिशत की जब हिंदी बोली या लिखूं तो पूर्णत हिंदी के शब्द ही प्रयोग ( use यू)करू
वैसे मेरी व्यावसाईक भाषा आंग्ल भाषा (English Language) यानी मेरा इक अध्यापक के बतौर अंग्रेजी अध्यापन विषय है लेकिन हिंदी में भी अधि स्नातक सो हिंदी पर भी अच्छी मोहर है और इक उत्तर भारतीय होने के नाते हिंदी विरासत में मिलती है यदि न भी पढ़ते तो हिंदी ही बोलते देखे इक ठेला चालक,नुक्कड़ थड़ी विक्रेता ,इक मजदूर,इक अपढ़ सब्जी वाली धडल्ले से हिंदी बोलती है.. लेकिन हिंदी जो मातृभाषा है वो सर्वोपरि है, हालाकि आंग्ल भाषा पाठक वैश्विक स्तर पर ज्यादा है क्योंकि अंग्रेजो ने।पूरी दुनिया पर राज किया और मैकाले शिक्षा थोपी और भाषा का भी गुलाम बनाया लेकिन उन्हें दोष दे से पहले हमारे ब्राह्मण वर्ग ने देववाणी की के नाम उसे विशेष एवम खुद के लिए आरक्षित रखा यानी इसे आम जन तक नही जाने दिया और थी वजह है की दुनिया की सबसे सर्वश्रेष्ठ और सम्पूर्ण व्याजरणीय उच्च एवम सटीक भाषा सिर्फ तृतीय भाषा बन के रहे गई है और बोलचाल में व्यवहार से शून्य तम स्तर पर है! लेकिन चलो उसकी बेटी ने पैर पसारे है कामधेनु न सही नंदिनी उच्च स्तर पर अग्रेषित है।
हिंदी जयतु
हिंदी वद तू
*Nk सनातन