**भूख मर गयी फिर रस मलाई
जो वो स्वाद न रहा**
( भारतीय टीम की जॉहन्सबर्ग के वांडरर्स क्रिकेट स्टेडियम में साउथ अफ्रीका पर जीत के मानिंद)
कल भारतीय क्रिकेट दल ने साउथ अफ्रीका को 63 रनों से हरा कल 1-2 का अंतर रख सीरीज हारने के बाद कुछ दम दिखा कुछ प्रतिष्ठा हॉसिल की।
इस कृत्य के लिए जो भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशी का सबब बना
विराट एंड कम्पनी को बधाई
लेकिन
ये खुशी तब आयी जब उस खुशी का कोई महत्व नही रह गया था
क्यो
क्यो की भारतीय टीम पहले ही श्रृंखला गवां चुका था ।
यानी अरमानो का जनाजा निकल गया
यानी जैसा कि मैंने शीर्षक दिया है
किं भूख मर गयी
ओर रस मलाई मिली
जो स्वाद नहीं आया
खेर क्रिकेट या खेल को इस परिप्रेक्ष में तोले तो स्वाद फीका लगता है
लेकिन
भारतीय टीम ने कुछ दम खम दिखाया
वस्तुतः ये एक गेंदबाजी पिच था
ओर यहां सिर्फ 4 रोज में 40 विकेट्स गिरे ओर रनो को कंगाली रही
भारत ने पहली पारी में 187 रन बमुश्किल बनाये जवाब में 194 साउथ अफ्रीका ने
दूसरी पारी में 247
ओर 240 रन का लक्ष्य लेकिन 4थी पारी में वो भी विकेट काफी खतरनाक हो चला था यद्यपि मॉर्निंग सत्र में हैवी रोलर से विकेट आसा हो गया और एल्गर आमला जम गए लेकिन आखिर अंतिम सत्र में जब आमला इशांत पंड्या के शिकार बने
ओर फिर जाबाज डिविलियर्स ओर फेफ डुप्लीस भी ओर मैच भारत की गिरफ्त में साफ दिख रहा था
सेफ औपचारिक रस्म का इंतज़ार ऐसे में किस्मत मोहम्मद शमी के साथ थी
शृंखला में कुछ खास नही कर पाए गेंदबाज को 5 विकेट्स मील जिसमे उन्हें पिच ओर विषम परिस्थितियों ने मदद की। क्योकि इशांत ओर बुमराह ने अपनी जीवट भारी गोलंदाजी से जीत की नींव रख दी थी।
मैच भारत ने जीता या पिच की कारस्तानी
या बिराट की शानदार कप्तानी
या टॉस जितमे पर प्रथमतः बल्लेबाजी चुनना
या अपनी प्रतिष्ठा के विपरीत फील्डिंग जिसमे साउथ अफ्रीकी क्षेत्र रक्षको ने कीमती कैच अहम मोके पर छोड़े
ओर बल्लेबाजी में वो स्तर
वो जज्बा नही दिखाया
जो ऐसे नॉन प्लेयिंग पिच पर स्तरीय बल्लेबाजो को प्रदर्शित करना चाहिए था
ये बड़े नाम
डिविलियर्स डुप्लेसिस
डीकॉक
सब फिसड्डी
बल्लेबाजी में भारत ने भी कोई खास झंडे नही गाड़े
भुवनेश्वर कुमार जिन्होंने टेल एंडर्स 30-30 रनो का कीमती योगदान
हालांकि
शम्मी ने भी दूसरी पारी में 26 रन
जो कीमती
हां क्योकि जीत महज 63 रनों की
जो उस स्कोर का जो पुछल्ले बल्लेबाजो ने बनाये
महत्व समझ सकते हैं।
लेकिन चलो
गणतंत्र दिवस के एक दिन बाद देश के क्रिकेट गणों को शानदार तोहफा।
फिर से कोहली एंड हिज डेविल्स को बधाई
ओर
6 एक दिवसीय मैचों में भारत अपनी गरिमा प्रतिष्ठा के अनुरूप खेले
क्योकि
क्रिकेट देश मे 1983 के बाद पूजा जाता है
ओर एक क्लब स्तरीय खिलाड़ी IPL के जरिये करोड़पति बन जाता है।
*N K सेवक ” सनातन’