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NK Sanatan's Writing Treasure

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Naresh Kumar Sevak (NK Sanatan)
“Some books are to be tasted, others to be swallowed, and some few to be chewed and digested.” – Sir Francis Bacon

शिक्षक और सरकारें

सरकार और शिक्षक*
{ शिक्षक दिवस 5 सेप्टेंबर,2020 पर मेरे सर्वसाधारण जज्बात }

गरिमा ,इज्जत,सम्मान, पूजनीय, परमादरणीय, ईश्वर से भी ऊपर ।
हाँ जाने क्या-क्या बिरुद पदवी या टाइटल से नवाजा है शिक्षक के पद को उत्तरोत्तर ।।

भारतीय धर्मशास्त्र, पौराणिक शास्त्र ओर लोक शास्त्र में पद ये बड़ा विरल।
सिद्धांत में इसके कई बखान मगर सर्वश्रेष्ठ पीता शिवमय गरल।

और तो और ईश्वर से भी ऊपर इसका कद
लेकिन सिद्धांत से इतर क्या है सच्चा दर्पण ?
और कड़वा सच व्यवहार में कितने शिक्षक सच्चाई से हैं अर्पण ?

बेचारा अल्पभोगी अब नहीँ रहा अद्द्यतन शिक्षक ।
अपने शिष्यों से न्याय करना रहा कभी उसका धरम ।।

शिष्य अब वो नहीं रहे क्योकि भटक गया हैं गुरुपद ।
विशेष बात देश भारत का संविधान भी गुरु पर निरापद।।

दुनिया का सबसे बड़ा सबसे विशद वृहद ओर तरल
लेकिन शिक्षक जो राष्ट्र का निर्माता कहते हैं
कहि नहीं उल्लेख उसका ओर नही कोई महिमामयी वर्णन
मनीषि बाबा यहाँ भूल कर बैठे चलो लेकिन ओर भी तो थे पुरोधा गुरुत्तर विशद

जिनमे कुछ शिक्षक भी थे पर नही किया अवलोकन
लेकिन कालांतर महान शिक्षक, शिक्षाविद डॉ सर्र्वपल्ली राधाकृष्णन करे मनन
और कर दी भरपाई जब किया जन्मदिन समर्पित
और 5 सितंबर शिक्षक समाज का बना अजीम,आला, परम विशेष सुशोभित दिन
मनाता सारा देश लिए गुरु सम्मान बन दीर्घ विनीत
सारे शिष्य करते स्मरण अपने अपने गुरुवर
सारा राष्ट्र बन बड़ा भक्त कसीदे पढ़ता करता दंडवत नमन

लेकिन सरकारों का रहता लघुत्तर ओर गरलतम रवैया ।
कितना जायज कितना नाजायज है चाहे वो जीवन खेवैया ।।

शिक्षक तो शिक्षा के लिए ही हो ये देश तारणहार करे देश पुकार ।
लेकिन अफ़सोस बोझ ढोता हर काम करता सरकारों के नाम ।।

वर्ष भर पिलता- लीलता, पिसता- कुढ़ता, मढ़ता ,जीता -खिलाता बन हरफ़नमौला इंचार्ज पोषाहार
इस कड़ी में बसता तह से ऊपर तक भ्रष्टाचार ।
लेकिन यहां शिक्षक साबित करता आखीर वो भी एक धरती का इंसान ।।

शिक्षक दिवस पर होता सम्मान
ठीक ऐसे जैसे श्राद्ध पक्ष में होता कागों का सम्मान
सम्मान में भी तिकड़म सांठ-गाठ ,पहुँच है अलग बात

लेकिन ” सनातन ” की आह की काम हो उसकी गरिमा के ये सोचे राजनेता ओर सरकार
अगर ऐसा हुवा तो बड़े श्रद्धासुमन उस महान आत्मा राधाकृष्णन महान
औऱ होगा उस गुरु नही शिक्षक ही सही महान सम्मान ।।
*NK सेवक ” सनातन “