गारा ना घट मां
नोरता ना वट मां
आमें व्याव्या छे
धन धान्य संपन्नता ना ज्वार
अमलताश अने पलाश आम्र पत्र ना हार
घट ना ऊपर श्रीफल सजायो जो शोभे
कलश ना गले रंगबिरंगी नाड़ासड़ी ना बंधन वार शोभें
रुनझुण कापला नव धान ना थापला
पूजन विधि ना जापला
हे घट स्थापन नोरता आपणा
घट स्थापन घट स्थापन
गट गट मां , मां मन भावन
बसे हों माड़ी रूपाली 2 लई भक्ति ना ज्वार रे
घट ना ज्वार झेम झेम वधे
एमज वधे भक्ति नि तीखी मीठी तान रे
अमारी नवरात्रि मन उमंग नि धात्री
भक्ति रंग नी दात्री
नव रंग ना बाराती
झुमता गाता मां भैरवी ने भारती
रमता गमता ने झम झम रमाडता
डांडिया रास ने डम डम ढोल वगाड़ता
ए भारत भारती जन जन गट गट ना वासी
ए शक्ति उपासना ना सारथी
रथी महारथी माड़ी सब तने बधा भजता
तू जग जीवन तारणी
तू जग जान हरियाली
तारा वैभव थी जग
व्हाल रे
भजी भलाई तज़ी नबराई हो अमे 2
छे हाल निहाल रे
रंग जामे रसिया रमैं
रंग रंगीली नार कटिली रास रसीली गुजरातण
हाल गुजरातन चाल गुजराताण
मां शक्ति भारत भाल सुर आने मेवा फरसातण
निकले आने चढ़े चढ़ावा
प्रसाद मां कानन वन ना दैविक स्वाद रे
खाई ने रास रसिया लास्य बसिया तीखी नार रे
स्वर्ग ज्यु निहाल रे
नवरात्रि ना चमकीला उजियारा दाडा
बस माड़ी अम्बा आराधन
शिव शिवानी नि वात रे
गट गट मां बसे माड़ी आरासुर वाडी
शिव पटराणी
राधा किशन वृंदावन मथुरा दिवानी
बस भक्ति प्रेम ना द्वार रे
मां अम्बा आराधना
मां वृंदा आराधना
मां दुर्गा आराधना
इंद्र इंद्राणी
ब्रह्मा ब्रह्ममांणि
रमता सुर लोक नि रानी
हे हरखे आखी आखी रात रे
आमारी नवरात्रि मतवाली बात रे
गट गट में रमता गट गट मां बसता
मां ना मीठा वहाल रे
Nk सनातन
माता भवानी के शारदीय नवरात्र पर्व में मेरी आस्था के शाब्दिक फूल
रंग गुजराती के संग