मंझील….??
ऐ जहां के आदमी मैं जिंदगी हूँ
तेरी कोई भी मंझील हो
मेरी तो सिर्फ एक ही मंझील है।
*जिंदगी रफ्तार से गुज़र रही है
सफर चल रहा है जाने कब तक
पड़ाव के नाम सिर्फ बेचेंन राते ही आती हैं
जीवन मे पाकर खोने वाली मंजिलें तो बहुत है
पाने वाली मंझील तो सब की सिर्फ़ इक ही है……..
मौत मौत मौत मौत
मौत ।
*nk सनातन