●◆बाल दिवस◆●
[14 नवम्बर JL नेहरू जन्मदिन ]
एक तो कोरोना संक्रमण महामारी का विषम दौर ओर फिर भारत देश के बहुसंख्यक समाज का सबसे पावन त्यौहार दीपावली का अहम, वृहद दिवस ….ऐसे में आधुनिक भारत के प्रणेता- मसीहा का जन्मदिन जो संविधान के पन्नो में एक राष्ट्रीय पर्व बाल दिवस के रूप में अधिकृत….
यानी एक बड़ा दिन लेकिन जब सूरज चमकता है तो चांद का कोई अस्तित्व नहीं ठीक उसी तरह 2 अक्टूबर गांधी -नेहरू जन्म दिन पर चर्चे गांधी जी के ज्यादा शास्त्री जी कम क्योकि गांधी आज़ाद गणतंत्र भारत के पिता और जिनकी छवि वैश्विक ।
इसलिए दीपावली के कारण बाल दिवस का वजूद कम रह गया। दूसरा कारण की कोरोना जिसकी वजह से पाठशालाएं बन्द सो बाल दिवस के कार्यक्रम कहा हो । पाठशालाये ही बच्चों , नॉनिहालो के असली घर। ऐसे में बाल दिवस की बधाईया आयोजन गौण रह गए। खेर बाल दिवस भारत के महान राजनीतिज्ञों में से प्रथम पंक्ति में स्थान रखने वाले स्वतंत्रत भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और राष्ट्र निर्माता पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म दिवस है जो उन्होनें बच्चो से अनंयतम प्रेमवश उन निर्दोष ओर ईश्वरीय स्वरूप बालको को समर्पित किया था जो राष्ट्रीय पर्व के रूप में स्थापित होकर प्रतिवर्ष विद्यालयों में धूमधाम से मनाया जाता है। चाचा एक सार्व शब्द है जो आप अपने से किसी भी बड़े के लिए प्रयुक्त कर सकते हैं। आजकल ये अंकल में बदल कॉमन हो गया है। देश के कुछ बच्चों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री और देश के तीसरे नागरिक को स्नेहिल शब्द चाचा नाम से पुकारा ओर फिर किवदंति बन गयी जूनियर नेहरू सारे देश के नॉनिहालो के चाचा बन गए। आज देश की होने वाली पीढ़ी के इस अनन्य दिवस की देश ही नही दुनिया के सभी बच्चों को प्रकाशित उज्ज्वल भविष्य की आत्मिक बधाईया ओर देश के महान स्टेट्समैन को जो स्वर्गाश्रम में हैं को आदरांजलि , स्मरणाजंलि, पुष्पहार । उनका स्वप्न की देश का हर बालक अपनी प्रतिभा को विकसित करें और देश सरकार, सरकारें उन्हें समान अवसर निष्पक्ष रुप से देवे।
NK सेवक “सनातन “