तुलसी के आँगन

तुलसी के आँगन

सुबह तुलसी पर जल चढ़ाते हुए
मैंने देखा सूरज को झुकते हुए;
हर पत्ती पर एक मंत्र लिखा था,
जिसे केवल श्रद्धा पढ़ पाती है।

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

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