10th/12th के विद्यार्थी क्रमोन्नत
(◆ कोरोना महामारी की भयंकरता के कारण भारत सरकार ने CBSC 10th,12th क्लास के सभी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के सबको क्रमोन्नत ( प्रोमोशन ) करने को लेकर पूर्व में मेरे मंथन का आईना◆)
[ ★सत्र 2021 एक बृहद ओर विषद निर्णय★ ]
ओर खास–
फर्जी डिग्री,,बनना- बनाना,दिखाना सब बंद!!!!!!!
मैंने कभी लिखा था अपने मंथन-चिंतन की श्रृंखला में की पढ़ाई बिना परीक्षा की हो यानी विद्यार्थी साल भर पढ़े ओर प्रोमोट हो जाय 【 जिससे विद्यार्थी के साल भी बचे 】 यानी उत्तीर्ण-अनुत्तीर्ण का झंझट-चक्कर ,व्यवस्था खत्म…इससे ये लाभ की कोई भी विद्यार्थी परीक्षा परिणाम को लेकर किसी प्रकार के अवसाद ( डिप्रेशन ) ओर प्रतिशत -श्रेणी- वरीयता को लेकर कोई मानसिक क्षोभ- चिंता में नहीं रहे और अभिभावक भी इस विषय मे प्रतिष्ठा-निम्नता या अधमता Superiority – inferiority को लेकर मुक्त रहे ।
ऐसा इसलिए कि वैसे भी हर काल मे परीक्षा व्यवस्था को लेकर विचारकों की आलोचना ने असंतोष,खिन्नता व्यक्त की है क्योकि परीक्षा लगभग अज्ञानता की यानी जो विद्यार्थी-परीक्षार्थी जानता है उसकी प्रायः नही होती ओर परीक्षा में कम से कम 33 % अंक उत्तीर्ण (3rd श्रेणी) होने,45 सेकंड डिवीजन 60 फर्स्ट डिवीजन ओर 75 % डिस्टिंक्शन यानी 75 से 100 डिस्टिंक्शन या A+ तो फर्क या अंतर कहा प्रदर्शित होता है 75 ओर 100 में 25 का फासला होता है !!!!!?????
फिर जो बहुत होशियार या प्रवीण हैं उन्हें भी वही परचा ( एग्जाम पेपर ) ओर कमझोर को भी वही पर्चा तो फिर परीक्षा असल मे कहाँ हुई या होती है !?
*ओर मूल बात की सारे चयन प्रतियोगी परीक्षा ( Competitive Exam ) से ही होते हैं तो फिर लोकल ओर बोर्ड परीक्षा में समय,पैसे ( नकल ओर अन्य हथकंडे यानी कोचिंग संस्थानों के दावे आदि ओर भी कई छुपे हुवे कारण भ्रस्ट तंत्र ) आदि की बर्बादी से बचा जाए ।
ओर प्रतियोगी परीक्षा एक मैदान में हो और भ्रष्टाचार से बचने हेतु मैदान में ही सबके सामने कैमरा ,मीडिया और परीक्षार्थियों की उपस्थिति में परिणाम दिया जाय ठीक चुनावों की तरह
यानी पूर्णतः पारदर्शिता ( Transparency )
*NK Sevak “Sanatan”*