शिक्षक दिवस भारत भाल का!

शिक्षक दिवस भारत भाल का!

★शिक्षक दिवस लजाता या गर्वित करता !★
[ 5 सितंबर,2021 शिक्षक दिवस,भारत ]
शिक्षा के दर्शन अब वो पुराने नहीं रहे
शिक्षु-शिक्षक दोनो के तराने वो नही रहे
बदला है सब समां-समां माहौल अब वो नहीं
है
है तो बस राग भैरवी मख़ौल है वो राग मल्हार नहीं है
व्यावसायिकता के रंग से यू तो गुलजार है मन- आंगन
भौतिक बयार से लहलहा रहे राजन
घर बीन सजनी शिशु पुकार रहा आँचल
आया जी के दामन पल रहा बालक
भौतिकता की यही मांग मजबुर है साजन
भौतिक ऊंचाईयां क्या इतना जरूरी
की रहन रख दे बचपन
गुरुओं का देश जहां हुवे वशिष्ट, डांडायन
उस्ताद अरस्तु मांगे गुरु दक्षिणा पूर्वायन
लेकिन गुरुर ऐ सिकन्दर लौटा हो कर लघु
नतमस्तक हुवा वो समक्ष दंडायन महागुरु
एकलव्य का अंगूठा आज भी लजाता है
गुरु ज्ञान महासम्मान द्रोण पर प्रश्न उठाता है
गुरु-समाज लिए ये दाग आज भी आहत
लेकिन द्रोणाचार्य आज भी हर अध्यापन वाहक
लेकिन आज कटे अंगूठे जुड़ रहे हैं
लोकतंत्र की सौगात की तीर चल रहे हैं
शिक्षा की विरल शल्य चिकित्सा की लक्ष्य सध रहे हैं
लोकतंत्र की बयार देश दुनिया मे मन खिल रहे हैं
मनुवाद अब नहीं साज ओ समाज मे
जो था कर्म आधारित पर बनाया वक्रम
ओर थोपा इरादतन खुद को रखने महिमामंडित चक्रम
हां वर्ग आधारित फ़सा कर चक्र
देववाणी शिक्षा से कर वंचित वक्र
शिक्षा देश उन्नति उद्धार का मूलाधार
मिले सबको न हो उद्देश्य सिर्फ नोकरी हार
हां बने उद्धमि ,व्यवसायी की खुले रहे द्वार
हां रोजगार, हो समां रोशन हो हर दिल गुलजार
शिक्षक दिवस लोकतंत्र की पूंजी
गुरुपूर्णिमा संस्कृतिक थाती
चलती रहे ये परम्परा बना रहे गुरु पद महान
शिष्य नज़रे धरे सिर्फ ढूंढे पहले गुरूपाद
तब देश बढ़ेगा नैतिक महान
भौतिक महान तो बनना है आसान
नैतिक समृद्धि अपनी विरासत
चलो बने नैतिक जान ले लियाकत !
*nk सनातन

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

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