लैंगिक असमानता !!!

लैंगिक असमानता !!!

*” लैंगिक असमानता !*”
जब कोई बात मैं कहता हूं
बेअसर होकर गुजरती हैं
ओर वही बात जब वो कहती हैं
सांस अहसास बन जाती है
और वहां से दाद निकलती हैं
दिलजलों की रूह से आह अघोषित-घोषित चाह निकलती है
की मोत रमा वाह वाह
क्या बात कही ही
वाह वाह वाह
“सनातन”इस अनुभव
इस बात से कहते हैं
हिन्दुस्ता में लैंगिक है
असमानता है
बात कुछ पचती नही है
और ये बात हर महकमे में
देखी समझी पढ़ी जाती है
आंकड़े सारे झूठे दोस्तों
लैंगिक मतभेद है कहना
झूठ ये ज्यादती है
हकीकत कुछ और ही है
बस में जब जगह सीट न हो
उनके लिए बनाई जाती है
कुछ इस तरह वो हर मर्द द्वारा
नवाजी सराही वारी जाती हैं
*NK सेवक “सनातन”(रचयिता )
फाउंडर काव्यांगन साहित्य संस्था
उदयपुर
Nksevaksanatan. com
*dedicate 2 कवि
बलवंत बल्लू साब ऋषभदेव and
राजस्थान सिटीजन ग्रुप

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

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