**सावधान अब सही कहने से पहले**
(प्रणब मुखर्जी के डॉ हेडगेवार को महान कहने पर हुई प्रतिक्रिया पर एक लहर )
यदि आप आमंत्रित हैं एक मेहमां
एक वक्ता के बतौर
आप जिस कार्यक्रम में हैं शरीक उसके
हां उसके संस्थापक को देश का महान सपूत नही कह सकते
देश के महान सपूत कौन की परिभाषा क्या
सविंधान में कही उल्लेख नही है तो देश सर्वोपरि
इस तर्ज पर गुनाह हेडगेवार साब का की
की देश सर्वोच्च देश भक्ति सर्वोच्च देश कल्याण श्रेष्ठ
ओर देश संस्कृति के मर्मज्ञ प्रणब दा
हां शायद भूल कर गए कि उन्होंने उन्हें महान सपूत कहा
अब जमाना सच्चो को महान कहने का नही
लालू माया राबड़ी दिग्विजय मुलायम महान
देश के सपूत उनकी तस्वीरें जहाँ जड़े
लेकिन हेडगेवार को आप महान नही कह सकते
कहा तो प्रतिक्रियाऐं होंगी
बात वाजिब भी
क्योकि लोग जो वो विचार धारा रखते हैं
हाँ नाथूराम गोडसे को फिर महान कहेंगे
तो फिर अंग्रेज जिन्होंने सुभाष भगत को आतंकी बताया
लेकिन लोकतांत्रिक धारा में तौले तो
हाँ प्रणब दा ने जो कहा कहाँ गलत कहा
*N K सनातन